इंदौर में महिलाओं ने सीखे सतत आजीविका के व्यावहारिक पाठ
महिलाओं का सस्टेनेबल डेवलपमेंट सेंटर का दौरा
इंदौर। इंदौर जिले की स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, जो सब्जियां और फल बेचने के साथ-साथ दिहाड़ी मजदूरी करती हैं, ने सतत आजीविका के व्यावहारिक पाठ सीखने के लिए जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का दौरा किया।
सेंटर की निदेशक, डॉ. जनक पलटा मगिलिगन (जनक दीदी) ने महिलाओं का स्वागत करते हुए बताया कि पूरा परिसर पवन और सौर ऊर्जा से संचालित है, जिससे यह बिजली के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर है। महिलाओं को बॉक्स और पैराबोलिक सोलर कुकरों का उपयोग करके बिना धुएं के खाना पकाने का प्रदर्शन दिखाया गया। इसमें घर में उगाई गई जैविक दाल, चावल, सब्जियां, खीर, केक, कुकीज और ब्रेड को धूप की मदद से तैयार किया गया।
सोलर फूड प्रोसेसिंग के अंतर्गत सेब तलने, रोस्टिंग और सोलर ड्रायर से मटर, मेथी, हरी मिर्च, टमाटर, आंवला और आलू के चिप्स सुखाने की प्रक्रिया भी सिखाई गई। गेंदे के फूल, चुकंदर और पालक के पत्तों को सुखाकर और पीसकर सुरक्षित प्राकृतिक रंग बनाने का तरीका भी बताया गया। महिलाओं को 'सब्जियों को सुखाओ, कमाई बढ़ाओ और उद्यमी बनो' का संदेश दिया गया।
परिसर में सिंदूर, सागौन, महोगनी, पारिजात, कदंब, रीठा, रतनज्योत, महुआ, कबीठ जैसे दुर्लभ पेड़ और औषधीय पौधों जैसे हड्डी जोड़, गिलोय, पुनर्नवा को देखकर महिलाएं आश्चर्यचकित रह गईं।
पर्यावरण प्रेमी आभा तिवारी दीदी के साथ पूरे परिसर का भ्रमण कराया गया। जैव-विविधता फार्म में महिलाओं को देशी बीजों के संरक्षण, जैव विविधता और जैविक खेती की पारंपरिक एवं वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी गई।
यह एक्सपोजर विजिट महिलाओं के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी साबित हुई। उन्हें पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक और जैविक खेती, देशी बीज संरक्षण और सतत आजीविका के व्यावहारिक नवाचार समझने का अवसर मिला। डॉ. जनक पलटा मगिलिगन से संवाद के दौरान ग्रामीण बालिकाओं के सशक्तिकरण, महिलाओं के आत्मनिर्भरता अभियान और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग पर चर्चा हुई।
प्रतिभागी महिलाओं ने बताया कि इस प्रकार के नवाचारों और व्यावहारिक अनुभव को पहली बार इतने नजदीक से देखने का मौका मिला। प्रोजेक्ट मैनेजर सपना कुमावत ने हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां आना अत्यंत प्रेरणादायक और वैज्ञानिक अनुभव रहा। उन्होंने इन सीखों को अपने समुदाय में अपनाने और अन्य महिलाओं के साथ साझा कर आजीविका और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल करने की प्रतिबद्धता जताई।