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इंदौर नगर निगम में 'वंदे मातरम' विवाद: कांग्रेस पार्षद का अस्वीकार

इंदौर नगर निगम की बजट चर्चा में एक महिला कांग्रेस पार्षद ने 'वंदे मातरम' गाने से इनकार कर दिया, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। भाजपा पार्षदों ने उनके इस निर्णय पर हंगामा किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। इस घटना के पीछे की पृष्ठभूमि और कांग्रेस पार्षद की प्रतिक्रिया जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
 

कांग्रेस पार्षद का 'वंदे मातरम' गाने से इनकार

इंदौर नगर निगम की बजट चर्चा के दौरान एक महिला कांग्रेस पार्षद ने 'वंदे मातरम' गाने से मना कर दिया, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया। यह घटना बुधवार को हुई, जब कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम बैठक में देर से पहुंचीं। भाजपा के पार्षदों ने उनसे 'वंदे मातरम' गाने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। उनके इस निर्णय पर भाजपा पार्षदों ने हंगामा किया और नारेबाजी की। इसके बाद, अध्यक्ष मुन्नालाल यादव ने फौजिया शेख अलीम को एक दिन के लिए बैठक से निलंबित कर दिया।


विवाद की पृष्ठभूमि

अध्यक्ष मुन्नालाल यादव ने बताया कि 'वंदे मातरम' गीत को 150 वर्ष पूरे हो चुके हैं और केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं कि इसे सभी सरकारी कार्यालयों में गाया जाना चाहिए। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम उस समय अनुपस्थित थीं जब 'वंदे मातरम' गाया जा रहा था, और बाद में सदन में आकर कार्यवाही में बाधा डालने लगीं। जब सदस्यों ने उन्हें बताया कि उन्हें उस समय उपस्थित रहना चाहिए था, तो उन्होंने गीत के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। इस कारण उन्हें एक दिन के लिए सदन से निष्कासित कर दिया गया।


कांग्रेस पार्षद की प्रतिक्रिया

कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने कहा कि वह पिछले 15 वर्षों से फौजिया शेख अलीम के साथ पार्षद रही हैं और वह हमेशा 'वंदे मातरम' गाती रही हैं। उन्होंने कहा कि उस दिन क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं है। रुबीना ने बताया कि फौजिया शेख अलीम ने कहा कि वह 'वंदे मातरम' नहीं गाएंगी, जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि फौजिया हमेशा 'वंदे मातरम' का सम्मान करती थीं और इस पर आपत्ति का कोई सवाल नहीं उठता।