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इंडिया गठबंधन की बैठक में नेताओं ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने हाल ही में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें आर्थिक संकट, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर चर्चा की गई। मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। बैठक में यह तय किया गया कि सभी दल हर दो महीने में मिलेंगे, और अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी। तेजस्वी यादव ने चुनावी रणनीतियों पर भी चर्चा की। जानें इस बैठक के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
 

इंडिया गठबंधन की बैठक का सारांश

विपक्षी इंडिया गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक बैठक की, जिसमें विभिन्न घटक दलों के बीच उभरते मतभेदों पर चर्चा की गई। इस बैठक में कांग्रेस के सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, आरजेडी के तेजस्वी यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती सहित कई अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए।


बैठक के बाद, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से मौजूदा आर्थिक संकट, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों पर चर्चा के लिए तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। सभी दलों ने सहमति जताई कि वे हर दो महीने में मिलेंगे, और संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के नेताओं की सुबह की बैठकें जारी रहेंगी।


खरगे ने बताया कि उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया और अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी। इसके अलावा, देश के प्रधान न्यायाधीश को चुनाव में 'वोट की लूट' और 'चोरी' के मुद्दों पर पत्र लिखने पर भी सहमति बनी।


खरगे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर भी सर्वसम्मति से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र को अर्थव्यवस्था की अस्थिरता, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर चर्चा के लिए तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।


तेजस्वी यादव ने कहा कि पांच प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी है और सभी दल एकजुट होकर उन्हें उठाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव मतपत्रों के माध्यम से होते हैं, तो भाजपा के पास कोई मौका नहीं होगा।