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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: संभावनाएं और चुनौतियां

डॉ. रंजन कृष्णा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लाभ और हानियों पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि AI स्वास्थ्य, शिक्षा, और कृषि जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, लेकिन इसके साथ ही इसके जोखिम भी हैं। AI की गलतियों के संभावित परिणाम और रोजगार पर इसके प्रभाव पर भी चर्चा की गई है। जानें कि भारत में AI अनुसंधान के लिए क्या अवसर हैं और छात्रों को AI अध्ययन के लिए क्या करना चाहिए।
 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लाभ और हानियां

गुवाहाटी, 29 मई: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध AI वैज्ञानिक डॉ. रंजन कृष्णा के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कई लाभ और हानियां हैं, और यह भी संभव है कि AI गलतियां कर सकता है।

डॉ. रंजन कृष्णा, वाशिंगटन विश्वविद्यालय के एलेन स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में सहायक प्रोफेसर हैं। वे वाशिंगटन विश्वविद्यालय में RAIVN लैब के सह-निदेशक हैं और माइक्रोसॉफ्ट AI की सुपरइंटेलिजेंस टीम के साथ भी काम करते हैं।

डॉ. रंजन कृष्णा के साथ एक साक्षात्कार में, उन्होंने AI के लाभ और हानियों पर अपने विचार साझा किए।


AI के लाभ

रंजन ने कहा कि आधुनिक AI हाल के वर्षों में विकसित की गई सबसे शक्तिशाली तकनीकों में से एक है। इसके सकारात्मक पहलुओं में यह शामिल है कि यह उन समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है जो मानवों के लिए अकेले संभालना बहुत बड़े या जटिल होते हैं। यह चिकित्सा निदान में सुधार कर सकता है, शिक्षा को व्यक्तिगत बना सकता है, वैज्ञानिक खोज को तेज कर सकता है, और कई नियमित कार्यों को अधिक कुशल बना सकता है।


AI के जोखिम

हालांकि, AI के गंभीर जोखिम भी हैं। AI सिस्टम गलतियां कर सकते हैं, अपने प्रशिक्षण डेटा में पूर्वाग्रह को दर्शा सकते हैं, और गलत उत्तर दे सकते हैं। उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे चिकित्सा, कानून, और सार्वजनिक नीति में, ये गलतियां गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकती हैं।


AI का उपयोग करने के क्षेत्र

रंजन ने बताया कि AI लगभग हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, विशेषकर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, जलवायु और परिवहन में।


AI की गलतियां

रंजन ने कहा कि AI गलतियां कर सकता है, और यह एक बड़ा गलतफहमी है कि अगर AI आत्मविश्वास से बोलता है, तो वह सही होगा। AI सिस्टम कई तरीकों से गलतियां कर सकते हैं, जैसे तथ्य गढ़ना या संदर्भ को गलत समझना।


रोजगार पर AI का प्रभाव

रंजन ने कहा कि AI निश्चित रूप से नौकरी के बाजार को बदल देगा। कुछ नियमित कार्यों का स्वचालन होगा, और कुछ नौकरियां कम हो जाएंगी या समाप्त हो जाएंगी। लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि हम AI को इस तरह से डिजाइन करें कि यह मानव क्षमताओं को बढ़ाए।


स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का उपयोग

रंजन ने स्वास्थ्य क्षेत्र में AI के उपयोग के बारे में कहा कि यहां एक गलती जीवन और मृत्यु के परिणाम उत्पन्न कर सकती है। इसलिए, AI को निर्णय समर्थन उपकरण के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए, न कि डॉक्टरों के लिए एक अचूक प्रतिस्थापन के रूप में।


भारत में AI अनुसंधान के अवसर

रंजन ने कहा कि भारत में AI अनुसंधान के लिए विशाल अवसर हैं। यहां की बड़ी प्रतिभाशाली छात्र संख्या, मजबूत इंजीनियरिंग संस्थान और कई वास्तविक समस्याएं हैं जहां AI का तात्कालिक प्रभाव हो सकता है।


AI अध्ययन के लिए आवश्यकताएं

रंजन ने बताया कि AI अध्ययन के इच्छुक छात्रों को पहले मजबूत आधार बनाना चाहिए। गणित, प्रोग्रामिंग और कंप्यूटर विज्ञान के विषयों में अच्छी समझ होनी चाहिए। इसके बाद, वे मशीन लर्निंग, गहरे अध्ययन, कंप्यूटर दृष्टि, और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों का अध्ययन कर सकते हैं।