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आर. प्रग्गनानंदा ने नॉर्वे चेस चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीता

आर. प्रग्गनानंदा ने नॉर्वे चेस चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता। उन्होंने जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर इस प्रतियोगिता में जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। जानें उनके खेल की रणनीति और टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन के बारे में।
 

प्रग्गनानंदा ने रचा इतिहास

भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रग्गनानंदा ने नॉर्वे चेस चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। उन्होंने अंतिम राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए। पूरे टूर्नामेंट में उनकी खेल शैली ने सभी को प्रभावित किया।


अंतिम राउंड में जीत

शुक्रवार को आयोजित 10वें और अंतिम राउंड में प्रग्गनानंदा ने कीमर को मात दी। इस दौरान वेस्ली सो ने अलीरेजा फिरौजा के साथ ड्रॉ खेला, जबकि विश्व नंबर 1 मैग्नस कार्लसन ने गुकेश डोमाराजू को हराकर अपने घरेलू टूर्नामेंट को जीत के साथ समाप्त किया।


45वीं चाल में मिली सफलता

प्रग्गनानंदा ने सफेद मोहरों से खेलते हुए कीमर की गलतियों का फायदा उठाया और 45वीं चाल में जीत हासिल की। उन्होंने टूर्नामेंट को 18 अंकों के साथ समाप्त किया, जिसमें पांच जीत, दो हार और दो ड्रॉ शामिल थे।


टूर्नामेंट की विशेष अंक प्रणाली

इस प्रतियोगिता में जीत पर 3 अंक और ड्रॉ पर 1 अंक दिया गया। आर्मागेडन मुकाबले में जीतने वाले खिलाड़ी को एक अतिरिक्त अंक मिलता था। अलीरेजा फिरोजा 15.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।


गुकेश का प्रदर्शन

कीमर 11 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे, जबकि भारत के मौजूदा क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोमाराजू ने एक जीत, पांच हार और चार ड्रॉ के साथ अंतिम स्थान प्राप्त किया। प्रग्गनानंदा ने इस टूर्नामेंट में शानदार वापसी की और खिताब अपने नाम किया।


विश्व रैंकिंग में बदलाव

हाल ही में जारी विश्व रैंकिंग में प्रग्गनानंदा 16वें स्थान पर थे, लेकिन नॉर्वे चेस में उनकी शानदार वापसी ने उन्हें खिताब दिलाया। उन्होंने लगातार चार मुकाबले जीतकर अपनी स्थिति को मजबूत किया।