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आयुष्मान भारत योजना से 1.91 लाख करोड़ रुपये का नकद रहित उपचार

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 1.91 लाख करोड़ रुपये का नकद रहित उपचार प्रदान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। पिछले सात वर्षों में यह योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना बन चुकी है। इसके अलावा, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जिसमें 94 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य खाता नंबर बनाए गए हैं।
 

आयुष्मान भारत योजना की उपलब्धियां

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जय) के तहत देशभर के 37,000 से अधिक अस्पतालों के नेटवर्क ने मरीजों को 1.91 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नकद रहित उपचार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सरकार की योजना के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


जाधव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में कहा कि इस योजना की अवधारणा अंत्योदय की भावना के साथ की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी बेहतर चिकित्सा मिल सके।


मंत्री ने पिछले सात वर्षों में योजना की सफलताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि आयुष्मान भारत अब विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस विशाल नेटवर्क के माध्यम से लाखों लोगों को बिना नकद भुगतान के चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हुई हैं, जो देश की स्वास्थ्य प्रणाली में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।


डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में हुई प्रगति पर चर्चा करते हुए जाधव ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) ने भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। इस मिशन के तहत अब तक 94 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा) नंबर बनाए गए हैं और लगभग 100 करोड़ से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड इन खातों से जोड़े जा चुके हैं।