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आयकर रिटर्न ITR-2 की ऑनलाइन फाइलिंग शुरू, जानें महत्वपूर्ण बातें

आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ITR-2 की ऑनलाइन फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योग्य करदाता अब अपने रिटर्न को ऑनलाइन या एक्सेल यूटिलिटी के माध्यम से दाखिल कर सकते हैं। इस लेख में, हम अंतिम तिथि, पात्रता, पूंजीगत लाभ की जानकारी और सामान्य गलतियों से बचने के उपायों पर चर्चा करेंगे। जानें कि आपको ITR-2 क्यों भरना चाहिए और सही जानकारी कैसे सुनिश्चित करें।
 

ITR-2 फाइलिंग का नया विकल्प

आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर ITR-2 फॉर्म की ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी उपलब्ध कराई है। अब योग्य करदाता अपने आयकर रिटर्न को ऑनलाइन या ऑफलाइन एक्सेल यूटिलिटी के माध्यम से दाखिल कर सकते हैं.


रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि

ITR-2 भरने के लिए पात्र करदाताओं को 31 जुलाई 2026 तक अपना रिटर्न दाखिल करना आवश्यक है, जब तक कि सरकार कोई नई समयसीमा न घोषित करे। समय पर रिटर्न भरने से अंतिम समय की गलतियों, रिफंड में देरी और पोर्टल पर बढ़ते दबाव से बचा जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति की आय आयकर कानून के अनुसार निर्धारित सीमा से अधिक है, तो उसे ITR दाखिल करना अनिवार्य हो सकता है.


ITR-2 भरने के लिए पात्रता

ITR-2 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से नहीं होती। यह फॉर्म आमतौर पर वेतनभोगी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, एक से अधिक संपत्तियों के मालिकों, और पूंजीगत लाभ कमाने वाले करदाताओं के लिए उपयोग किया जाता है.


पूंजीगत लाभ की जानकारी

यदि आपने शेयर, म्यूचुअल फंड, जमीन या मकान बेचकर पूंजीगत लाभ कमाया है, तो आपको ITR-2 भरना होगा। यह फॉर्म शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों प्रकार के कैपिटल गेन की जानकारी देने के लिए आवश्यक है, इसलिए यह निवेशकों और संपत्ति के मालिकों के लिए महत्वपूर्ण है.


50 लाख रुपये से अधिक आय वालों के लिए अनिवार्यता

जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें आमतौर पर ITR-1 नहीं भरना चाहिए और उन्हें ITR-2 दाखिल करना होगा। इसके अलावा, कई एनआरआई, आरएनओआर, कंपनी निदेशक और गैर-सूचीबद्ध शेयर रखने वाले व्यक्तियों के लिए भी ITR-2 अनिवार्य है.


विदेशी संपत्ति और लॉटरी आय

ITR-2 का उपयोग लॉटरी, घुड़दौड़ में जीत या अन्य कर योग्य आकस्मिक आय की जानकारी देने के लिए भी किया जा सकता है। 5,000 रुपये से अधिक कृषि आय वाले करदाताओं को भी यह फॉर्म भरना पड़ सकता है. विदेश में संपत्ति, बैंक खाता या विदेशी आय रखने वालों को इसकी पूरी जानकारी रिटर्न में देनी होती है.


गलतियों से बचने के उपाय

विशेषज्ञों के अनुसार, कैपिटल गेन की गलत गणना या उसे गलत श्रेणी में दिखाना सबसे आम गलती है। कई लोग इक्विटी निवेश से जुड़े Schedule 112A की जानकारी भी अधूरी भरते हैं। इसके अलावा, निवासी, गैर-निवासी और RNOR स्टेटस तय करने में भी लोग गलती कर देते हैं, जिससे टैक्स देनदारी प्रभावित हो सकती है.


सही जानकारी का महत्व

ITR-2 दाखिल करने से पहले Form 26AS और AIS से आय का मिलान करना न भूलें। बैंक खाते, संपत्ति, निवेश, वाहन, आभूषण और अन्य जरूरी परिसंपत्तियों की जानकारी सही-सही भरें। समय पर और सही रिटर्न दाखिल करने से नोटिस, जुर्माने और रिफंड में देरी जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है.