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आदिवासी मीणा महापंचायत की जनगणना में पहचान दर्ज कराने की अपील

आदिवासी मीणा पंच-पटेल महापंचायत ने जनगणना में अपनी असली पहचान दर्ज कराने की अपील की है। महापंचायत का कहना है कि हर नागरिक को अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान स्वतंत्रता से बताने का अधिकार है। उन्होंने समुदाय के सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे जनगणना फॉर्म में सही जानकारी भरें। इसके साथ ही, जनगणना कर्मियों के व्यवहार पर भी ध्यान देने की सलाह दी गई है। जागरूकता अभियान के तहत गांव-गांव में पंपलेट वितरण और बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
 

महापंचायत की अपील


धौलपुर। आदिवासी मीणा पंच-पटेल महापंचायत ने आगामी जनगणना के संदर्भ में समुदाय के सदस्यों से अपनी वास्तविक सांस्कृतिक और सामुदायिक पहचान को दर्ज कराने की अपील की है। महापंचायत का मानना है कि हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक पहचान को स्वतंत्रता से बताने का अधिकार है। किसी को भी अपनी इच्छा के खिलाफ कोई अन्य पहचान या धर्म दर्ज कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।


विशेष अनुरोध

महापंचायत ने विशेष रूप से आदिवासी मीणा समुदाय के सभी सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे जनगणना फॉर्म में धर्म के कॉलम में "अन्य (Other)" विकल्प चुनकर उसमें "आदिवासी" लिखवाएं। इसके साथ ही वर्ग के कॉलम में "अनुसूचित जनजाति (ST)" और समुदाय/जाति के कॉलम में "मीना (Mina)" दर्ज कराएं।


सही जानकारी का महत्व

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पूरे समुदाय द्वारा एक समान और सही शब्दावली का उपयोग किया जाता है, तो जनगणना में स्पष्ट और सटीक आंकड़े दर्ज होंगे। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार का भ्रम, विवाद या गलतफहमी नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गलत पहचान दर्ज की गई, तो यह समुदाय की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, अधिकारों और भविष्य की योजनाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।


जनगणना कर्मियों के प्रति सतर्कता

महापंचायत ने जनगणना कर्मियों के व्यवहार पर भी ध्यान देने की सलाह दी है। अपील में कहा गया है कि जनगणना कर्मी द्वारा भरी गई जानकारी को ध्यान से पढ़ें या खुद जांचें। यदि कोई कर्मचारी गलत जानकारी दर्ज करता है या दबाव बनाता है, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों—जिला कलेक्टर, उप-कलेक्टर या स्थानीय प्रशासन—को सूचित करें।


महापंचायत का संदेश

राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा और प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वीराज मीणा ने कहा, "यह अभियान हमारी सांस्कृतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है। हम पूरे समुदाय से अपील करते हैं कि वे अपनी असली आदिवासी पहचान को मजबूती से दर्ज कराएं।"


महापंचायत ने गांव-गांव में जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। धौलपुर जिले में पंपलेट वितरण, बैठकें और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे स्थानीय स्तर पर अच्छा समर्थन मिल रहा है।


सोशल मीडिया का उपयोग

जिला स्तर पर जारीकर्ता रामेश्वर दयाल ने बताया कि इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और प्रिंट माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अनुरोध किया है कि वे इस महत्वपूर्ण अपील को अपने परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों तक अवश्य साझा करें, ताकि कोई भी व्यक्ति दबाव में आकर या भूलवश गलत जानकारी दर्ज न करा दे।


महापंचायत का संदेश

महापंचायत का संदेश:


"अपनी पहचान खुद लिखवाएं — आदिवासी मीणा की असली पहचान जनगणना में दर्ज हो, यही हमारा अधिकार है।"