आगरा में बुजुर्ग दंपति ने बहू-बेटे पर लगाया घर से निकालने का आरोप
बुजुर्ग दंपति की न्याय की गुहार
आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग दंपति ने अपने ही बहू और बेटे पर 75 लाख रुपये के मकान पर कब्जा करने और उन्हें घर से निकालने का आरोप लगाया है.
बुजुर्गों की स्थिति
आज के समय में बुजुर्ग माता-पिता और दादा-दादी परिवार की सबसे कमजोर कड़ी बन गए हैं। वे अपने जीवन का अधिकांश समय बच्चों की परवरिश और परिवार की देखभाल में बिताते हैं। लेकिन जब वे वृद्ध होते हैं, तो अक्सर वही बच्चे या रिश्तेदार उनके साथ क्रूरता का व्यवहार करने लगते हैं। संपत्ति के लालच में उन्हें घर से निकालना, मार-पीट करना और मानसिक-शारीरिक यातना देना अब आम हो गया है.
दंपति की पीड़ा
आगरा जिले के क्रिस्टल सिटी में स्थित मकान नंबर 128 को इस दंपति ने अपनी मेहनत की कमाई से बनवाया था। लेकिन पिछले साढ़े चार साल से वे अपने ही घर में नहीं रह पा रहे हैं। उनके बहू-बेटे की कथित माफिया गतिविधियों के कारण उन्हें किराए के मकान में रहना पड़ रहा है। दंपति का कहना है कि उनकी पत्नी पिछले 18 वर्षों से ब्रेन हैमरेज के कारण पैरालिसिस की शिकार हैं, फिर भी उन्हें घर से निकाल दिया गया है.
पुलिस जांच का परिणाम
बुजुर्ग दंपति का कहना है कि पुलिस की जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो चुका है कि मकान नंबर 128 उन्होंने खुद बनवाया था। पुलिस ने यह भी पाया कि उनके बहू-बेटे ने दबंगई से इस मकान पर कब्जा कर लिया है। इसके बावजूद, कानूनी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। दंपति ने कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और 14 सबूत भी प्रस्तुत किए हैं.
मुख्यमंत्री से अपील
अब बुजुर्ग दंपति सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगा रहे हैं। वे कहते हैं, 'हमारी तहरीरों और सबूतों के आधार पर आगरा पुलिस को उचित निर्देश जारी करें। हम अपने घर में शांति से रहना चाहते हैं।' यह मामला केवल एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि उन हजारों बुजुर्गों की आवाज है जो संपत्ति के लालच में अपने ही परिवार के सदस्यों द्वारा प्रताड़ित हो रहे हैं.