आंध्र प्रदेश में मां-बेटी की हत्या से हड़कंप, जांच जारी
आंध्र प्रदेश में मां-बेटी की हत्या की सनसनीखेज घटना
आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक मां और उसकी बेटी के शव एक सुनसान काजू बाग में मिले हैं। यह घटना उंगुतुर मंडल के नल्लामाडु गांव के पास हुई है। मृतकों की पहचान मद्दा एंथोभाई (62) और उनकी नेत्रहीन बेटी मद्दा वेंकटालक्ष्मी (46) के रूप में हुई है। दोनों 29 मई से लापता थीं और सोमवार को उनके शव बरामद हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
परिवार की खोजबीन और शवों की पहचान
परिवार के सदस्यों के अनुसार, वेंकटालक्ष्मी एलुरु नगर निगम में सफाईकर्मी थीं और उनकी मां उनके साथ रहती थीं। दोनों किसी काम से घर से निकली थीं, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटीं। परिवार ने उनकी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार को नल्लामाडु गांव में शव मिलने की सूचना से परिवार में हड़कंप मच गया।
हत्या की वजह पर रहस्य
इस दोहरे हत्याकांड ने पुलिस को भी उलझन में डाल दिया है। परिजनों ने बताया कि मृतकों के पास लगभग सात तोले सोने के आभूषण और 40,000 रुपये की नकदी थी, जो सुरक्षित पाई गई। आमतौर पर लूट के इरादे से की जाने वाली हत्याओं में अपराधी कीमती सामान लेकर भाग जाते हैं, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस हत्या के पीछे कोई पुरानी दुश्मनी या पारिवारिक विवाद था।
फॉरेंसिक जांच और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड को घटनास्थल पर बुलाया। फॉरेंसिक टीम ने शवों के आसपास महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। खोजी कुत्तों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और कुछ सुराग मिलने की उम्मीद जताई। पुलिस अब शवों के मिलने की स्थिति और वहां के साक्ष्यों को जोड़ने में जुटी है।
उच्च अधिकारियों की निगरानी
इस मामले की जानकारी मिलते ही एलुरु के डीएसपी श्रवण कुमार ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह एक सुनियोजित हत्या का मामला प्रतीत होता है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। इस घटना ने क्षेत्र में भारी शोक और भय का माहौल पैदा कर दिया है।