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आंध्र प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित लोगों के पुनर्वास की मांग

आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला ने गोदावरी नदी में आई बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों के त्वरित पुनर्वास की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा में व्यस्त है। शर्मिला ने बाढ़ से प्रभावित गांवों की स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार से राहत उपायों की मांग की है।
 

बाढ़ से विस्थापितों की स्थिति पर कांग्रेस का बयान

अमरावती, 2 अगस्त: आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) की अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला ने रविवार को गोदावरी नदी में आई बाढ़ के कारण विस्थापित हुए लोगों के त्वरित पुनर्वास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) की सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा में व्यस्त है। शर्मिला ने कहा कि बाढ़ के चलते 20,000 से अधिक लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं और सरकार ने बाढ़ की पूर्व चेतावनी के बावजूद राहत उपायों में कोई तत्परता नहीं दिखाई।


उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, 'सरकार ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति उतनी चिंता नहीं दिखाई जितनी प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करने में दिखाई है।' उन्होंने यह भी बताया कि कई गांव जलमग्न हो गए हैं, हजारों लोग अपनी संपत्ति खो चुके हैं, और लगभग 100 गांव बाढ़ के संकट में हैं।


शर्मिला ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवेदनशील गांवों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर क्यों नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि संभावित बाढ़ क्षेत्र की जानकारी होने के बावजूद पुनर्वास और पुनर्स्थापन (आरएंडआर) पैकेज क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं से अधिक प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना को लेकर चिंतित है।


एपीसीसी अध्यक्ष ने सरकार से अपील की कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक प्रभावित परिवारों को राहत केंद्रों में पुनर्वास, भोजन, आवश्यक वस्तुएं और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएं।