×

आंद्रेस एस्कोबार: फुटबॉल का जेंटलमैन और उसकी दर्दनाक कहानी

आंद्रेस एस्कोबार, जिन्हें फुटबॉल का जेंटलमैन कहा जाता था, की कहानी एक त्रासदी में बदल गई जब 1994 के फीफा विश्व कप में एक आत्मघाती गोल के बाद उनकी हत्या कर दी गई। जानें उनके जीवन, करियर और उस दर्दनाक घटना के बारे में, जिसने खेल की दुनिया को हिला कर रख दिया। उनकी याद आज भी जिंदा है, और उनके परिवार ने गरीब बच्चों के लिए एक प्रोजेक्ट शुरू किया है।
 

फुटबॉल का जेंटलमैन

आंद्रेस एस्कोबार को फुटबॉल के सबसे शिष्ट और शांत खिलाड़ियों में से एक माना जाता था। मैदान पर उनकी ईमानदारी और अच्छे व्यवहार के कारण उन्हें 'द जेंटलमैन' की उपाधि मिली। हालांकि, 1994 के फीफा विश्व कप में एक गलती ने उनकी जान ले ली। उस आत्मघाती गोल के कारण उनकी हत्या हुई।


कोलंबिया की हार और एस्कोबार की हत्या

अमेरिका के खिलाफ मैच में हुई गलती के बाद कोलंबिया विश्व कप से बाहर हो गया। केवल पांच दिन बाद, एस्कोबार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हत्या उस आत्मघाती गोल और उससे जुड़े सट्टे में हुए नुकसान का प्रतिशोध माना गया।


सामान्य परिवार से फुटबॉल का सफर

आंद्रेस एस्कोबार का जन्म 13 मार्च 1967 को कोलंबिया के मेडेलिन में हुआ। वह एक साधारण परिवार में बड़े हुए और स्कूल के दिनों से ही फुटबॉल खेलना शुरू किया। उनके पिता, डारियो एस्कोबार, ने एक ऐसा संगठन स्थापित किया जो युवाओं को फुटबॉल खेलने का अवसर देता था।


क्लब और अंतरराष्ट्रीय करियर

एस्कोबार ने अपने करियर में डिफेंडर के रूप में खेला और उनकी जर्सी का नंबर दो था। उन्होंने 1988 में कोलंबिया की राष्ट्रीय टीम के लिए डेब्यू किया और 1990 फीफा विश्व कप में भी भाग लिया।


वह आत्मघाती गोल जिसने सब कुछ बदल दिया

1994 के फीफा विश्व कप में, एस्कोबार ने अमेरिका के खिलाफ एक आत्मघाती गोल किया, जिसने उनकी जिंदगी को बदल दिया। इस गोल के कारण कोलंबिया को हार का सामना करना पड़ा और टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।


हत्या और उसके बाद की घटनाएं

एक जुलाई 1994 को, एस्कोबार की हत्या कर दी गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 45 मिनट बाद उनकी मौत हो गई। उनकी हत्या को उस आत्मघाती गोल की सजा माना गया।


जांच और विवाद

हत्या के मामले में हुम्बर्टो कास्त्रो मुनोज को गिरफ्तार किया गया, जिसने हत्या की बात स्वीकार की। उसे 43 साल की सजा सुनाई गई, लेकिन बाद में यह सजा घटा दी गई।


आंद्रेस एस्कोबार की याद

एस्कोबार की याद आज भी जिंदा है। उनके परिवार ने 'आंद्रेस एस्कोबार प्रोजेक्ट' शुरू किया, जो गरीब बच्चों को फुटबॉल सिखाने का काम करता है। उनके अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल हुए थे।


फिल्मों और सीरीज में एस्कोबार की कहानी

2010 में 'द टू एस्कोबार्स' नाम की डॉक्यूमेंट्री रिलीज हुई, जिसमें एस्कोबार की हत्या और कोलंबिया के अपराध जगत के संबंधों को दर्शाया गया।