आंखों की रोशनी सुधारने के लिए योगासन: जानें कैसे करें
आंखों की रोशनी में सुधार के लिए योग
आजकल, मोबाइल और लैपटॉप पर बढ़ता स्क्रीन टाइम और अस्वस्थ जीवनशैली हमारी आंखों की रोशनी को प्रभावित कर रहा है। उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी का कमजोर होना सामान्य है, लेकिन यदि कम उम्र में ही चीजें धुंधली दिखने लगें, रात में देखने में कठिनाई हो, या आंखों में दर्द और सिरदर्द की समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब आहार, पोषक तत्वों की कमी, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और कुछ दवाएं भी आंखों की रोशनी को कमजोर कर सकती हैं।
योग गुरु बाबा रामदेव के सुझाव
योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार, यदि आपकी आंखों का चश्मा लगातार बदल रहा है और आंखों की सेहत में गिरावट आ रही है, तो केवल आहार में सुधार करना ही पर्याप्त नहीं है। नियमित योगाभ्यास भी लाभकारी हो सकता है। कुछ विशेष योगासन आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर दृष्टि में सुधार और आंखों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम: आंखों को मजबूती
बाबा रामदेव के अनुसार, आंखों की सेहत के लिए अनुलोम-विलोम प्राणायाम अत्यंत फायदेमंद है। इस अभ्यास में बारी-बारी से दोनों नासिका छिद्रों से सांस ली और छोड़ी जाती है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है। नियमित रूप से इसे करने से आंखों की थकान, सूखापन और तनाव कम हो सकता है।
आंखों को गोल-गोल घुमाने का अभ्यास
मोबाइल और लैपटॉप के बढ़ते उपयोग से आंखों की मांसपेशियां जल्दी थक जाती हैं। आंखों को क्लॉकवाइज और एंटी-क्लॉकवाइज घुमाने का अभ्यास फायदेमंद हो सकता है। आरामदायक स्थिति में बैठकर आंखों को दाईं ओर से बाईं ओर और फिर बाईं ओर से दाईं ओर घुमाएं।
दाएं-बाएं देखने की एक्सरसाइज
यह एक सरल लेकिन प्रभावी नेत्र व्यायाम है। सिर को स्थिर रखते हुए केवल आंखों को दाईं ओर और फिर बाईं ओर ले जाएं। इसे 10 से 15 बार दोहराएं।
नियर-फार फोकसिंग एक्सरसाइज
यदि आंखों को बार-बार फोकस करने में कठिनाई होती है, तो यह अभ्यास मददगार हो सकता है। अपने अंगूठे को आंखों से लगभग 6 इंच दूर रखें और कुछ सेकंड तक उस पर ध्यान केंद्रित करें।
पामिंग से आंखों को आराम
स्क्रीन पर लंबे समय तक देखने से आंखों में तनाव बढ़ सकता है। पामिंग करने के लिए दोनों हथेलियों को रगड़कर गर्म करें और धीरे से बंद आंखों पर रखें।
त्राटक क्रिया से बढ़ाएं एकाग्रता
त्राटक को आंखों के लिए विशेष अभ्यास माना जाता है। किसी स्थिर वस्तु को बिना पलक झपकाए कुछ देर तक देखें।
भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम करते समय मधुमक्खी जैसी गूंज पैदा की जाती है। यह अभ्यास मानसिक तनाव कम करने और आंखों के आसपास की नसों को आराम पहुंचाने में मदद कर सकता है।
विशेष ध्यान
यदि आंखों से लगातार धुंधला दिखाई दे रहा है, चश्मे का नंबर तेजी से बढ़ रहा है, या आंखों में दर्द और लालिमा हो रही है, तो केवल योग पर निर्भर न रहें। किसी नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना आवश्यक है।