अहमदाबाद में पेयजल संकट से सैकड़ों लोग बीमार, प्रशासन की कार्रवाई जारी
अहमदाबाद में स्वास्थ्य संकट
अहमदाबाद के घाटलोडिया क्षेत्र से एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या की सूचना मिली है, जहां पिछले चार दिनों में सैकड़ों लोग अचानक बीमार हो गए हैं। प्रभावित व्यक्तियों में दस्त, उल्टी और पेट की समस्याएं देखी गई हैं। स्थानीय निवासियों और नगर प्रशासन का मानना है कि यह संकट दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण उत्पन्न हुआ है।
स्थानीय निवासियों की शिकायतें
घाटलोडिया क्षेत्र की कई आवासीय सोसायटियों के निवासियों ने शुक्रवार से पानी में गंदगी और दुर्गंध की शिकायतें करना शुरू कर दिया था। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रारंभिक शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप स्थिति बिगड़ती गई और बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए।
दूषित पानी का स्रोत
जानकारी के अनुसार, एक टूटी हुई पाइपलाइन के कारण सीवर का पानी नर्मदा पेयजल आपूर्ति में मिल गया था, जिससे कई क्षेत्रों में दूषित पानी घरों तक पहुंचा। नगर निगम ने रात में मरम्मत का कार्य शुरू किया, लेकिन रविवार सुबह जब पानी की आपूर्ति फिर से शुरू हुई, तब भी लोगों ने दुर्गंध की शिकायत की। इसके बाद मरम्मत का कार्य दोबारा किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
अहमदाबाद नगर निगम के आयुक्त बंचानिधि पाणी ने बताया कि अब तक लगभग 50 मामले बाह्य रोगी विभाग में दर्ज किए गए हैं। अधिकांश मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं।
सबसे प्रभावित क्षेत्र
आकांक्षा अपार्टमेंट इस संकट से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। सोसायटी के अध्यक्ष राकेशभाई पटेल ने कहा कि लगभग 500 निवासी बीमार हुए हैं। उन्होंने बताया कि जल निकासी लाइन के टूटने से सीवर का पानी और नर्मदा का पेयजल मिल गया था। उनके अनुसार, लगभग हर घर में कम से कम एक व्यक्ति इस समस्या से प्रभावित हुआ है।
अन्य प्रभावित सोसायटियां
नवरत्न एवेन्यू सोसायटी में भी पिछले चार दिनों में करीब 200 लोग बीमार हुए हैं। वहीं, वंदे मातरम फ्लैट्स में लगभग 200 निवासियों में से करीब 100 लोग दस्त और उल्टी की समस्या से प्रभावित हुए हैं। विनायक बंगले क्षेत्र में भी 28 बंगलों के लगभग 50 निवासी बीमार बताए जा रहे हैं।
प्रशासन की निगरानी
अहमदाबाद नगर निगम ने पहले ही शहर के 26 से अधिक क्षेत्रों को उच्च जोखिम वाले इलाकों के रूप में चिन्हित किया है और इनकी लगातार निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से केवल उबला हुआ या शुद्ध पानी पीने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।