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असम सरकार ने विदेशी नागरिकों के निष्कासन की प्रक्रिया को तेज किया

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि राज्य सरकार विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा विदेशी घोषित किए गए व्यक्तियों को एक सप्ताह के भीतर वापस भेजने की प्रक्रिया को तेज करेगी। उन्होंने बताया कि अब तक 2000 विदेशी नागरिकों की पहचान की जा चुकी है। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था में सुधार और अवसंरचना विकास की जानकारी भी साझा की। जानें इस नई नीति के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बयान

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को जानकारी दी कि राज्य सरकार विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा विदेशी घोषित किए गए व्यक्तियों को एक सप्ताह के भीतर वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू करेगी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि अब तक 2000 विदेशी नागरिकों की पहचान की जा चुकी है और उन्हें वापस भेजा गया है। उन्होंने कहा कि हम इस प्रक्रिया को और तेज कर रहे हैं।




असम में विदेशी न्यायाधिकरण अप्रवासियों और विदेशी नागरिकों से संबंधित मामलों की सुनवाई करता है। इस संदर्भ में, मुख्यमंत्री सरमा ने 25 दिसंबर को कहा था कि राज्य सरकार ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ बिना किसी समझौते के सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि जहां भी आवश्यक हो, तुरंत निष्कासन आदेश जारी करें।




मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति की सराहना करते हुए कहा कि अपराधों की संख्या में कमी आई है और दोषसिद्धि दर में वृद्धि हुई है। गृह मंत्रालय के अनुसार, असम नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन में सभी राज्यों में पहले स्थान पर है। 2021 में 1.33 लाख मामले दर्ज किए गए थे, जो अब घटकर 43,748 रह गए हैं। अदालतों में आरोपपत्र दाखिल करने की दर में 81 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।




उन्होंने यह भी बताया कि 2021 में दोषसिद्धि दर 6 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 26.38 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा, उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी में काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और फरवरी में गेलेफू रेलवे लाइन परियोजना की आधारशिला रखेंगे।




मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में अवसंरचना क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है। ब्रह्मपुत्र नदी पर चार नए पुल निर्माणाधीन हैं। गुवाहाटी-उत्तर गुवाहाटी को जोड़ने वाले पुल का उद्घाटन फरवरी में किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी 17 या 18 जनवरी को 32 किलोमीटर लंबे काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे, जिसकी अनुमानित लागत 6957 करोड़ रुपये है।