असम सरकार की नई योजना: महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये की सहायता
महिला सशक्तिकरण के लिए नई पहल
भारत में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही हैं। इसी दिशा में असम सरकार ने महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने महिला स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी महिलाओं को प्रारंभिक वित्तीय सहायता प्रदान करना शुरू कर दिया है। असम सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, परिवारों की आय में सुधार होगा और महिलाएं अपने छोटे व्यवसाय स्थापित कर सकेंगी।
10 हजार रुपये की सहायता
असम सरकार ने मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (एमएमयूए) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत सभी 35 जिलों में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को 10 हजार रुपये की राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, अब तक लगभग 15 लाख महिलाओं को यह सहायता मिल चुकी है। पहले इस योजना का लक्ष्य 32 लाख महिलाओं तक पहुंचने का था, लेकिन इसे बढ़ाकर 40 लाख कर दिया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लगभग 8 लाख महिलाएं पहले ही लखपति बन चुकी हैं। कई हजार महिलाओं को 10 हजार रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और महिलाएं अपने व्यवसाय शुरू कर पा रही हैं।
योजना का लाभ कैसे उठाएं
इस योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलेगा, जो किसी मान्यता प्राप्त सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी होंगी। इसके लिए उन्हें अपने जिले के पंचायत या ब्लॉक स्तर पर चलने वाले स्वयं सहायता समूह से संपर्क करना होगा। वहां से बैंक खाता, आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और समूह से जुड़ाव से संबंधित दस्तावेज़ प्राप्त किए जाते हैं। सत्यापन के बाद, महिलाओं के बैंक खाते में पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं।
यदि महिलाएं इस राशि का सही उपयोग करके अपना छोटा व्यवसाय शुरू करती हैं, तो सरकार कम ब्याज पर 25 हजार रुपये का लोन भी प्रदान करती है। इसके अलावा, यदि व्यवसाय सफल रहता है, तो तीसरी किश्त के रूप में 50 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है।