असम विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और रायजोर दल का ऐतिहासिक गठबंधन
असम विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ, कांग्रेस और रायजोर दल ने एक महत्वपूर्ण गठबंधन किया है। इस गठबंधन को जोरहाट में औपचारिक रूप से अंतिम रूप दिया गया। रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई ने इसे एक ऐतिहासिक अवसर बताया है, जबकि कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने विपक्षी एकता की आवश्यकता पर जोर दिया है। चुनावों के लिए तैयारियों में तेजी आई है, और सभी दलों ने अपनी रणनीतियाँ तैयार करनी शुरू कर दी हैं। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और अधिक।
Mar 20, 2026, 10:24 IST
असम विधानसभा चुनावों में राजनीतिक बदलाव
असम विधानसभा चुनावों की तिथियों की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। कांग्रेस और रायजोर दल ने लंबे समय से चल रही अटकलों को समाप्त करते हुए औपचारिक रूप से गठबंधन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऐतिहासिक साझेदारी जोरहाट में असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई के निवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंतिम रूप दी गई।
गठबंधन का महत्व
रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई ने इस गठबंधन को जोरहाट की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा, "अब समय आ गया है कि एक ऐसे मुख्यमंत्री को बदला जाए जो केवल बातें करता है, और उसकी जगह एक सक्षम नेता को लाया जाए। इसके लिए, जनता को अपने वोटों के माध्यम से एक बड़ी जीत सुनिश्चित करनी होगी।"
विपक्षी गठबंधन की आवश्यकता
गौरव गोगोई ने विपक्षी एकता पर जोर दिया
जैसे-जैसे असम विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आई है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने एक व्यापक विपक्षी गठबंधन बनाने के प्रयासों को दोहराया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनावों के लिए 88 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
गोगोई ने बताया कि रायजोर दल के साथ बातचीत चल रही है ताकि विपक्षी गठबंधन को मौजूदा पांच-दलीय समझ से आगे बढ़ाया जा सके। वर्तमान में, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन में असम जातीय परिषद (AJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (CPI ML), और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री के खिलाफ एकजुटता की आवश्यकता
गोगोई ने मुख्यमंत्री के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की आवश्यकता पर बल दिया
गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ विपक्षी ताकतों को एकजुट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "हम इस विपक्षी गठबंधन का विस्तार करना चाहते हैं, और इसलिए, हम रायजोर दल के साथ बातचीत कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हमारी बातचीत का सकारात्मक परिणाम निकलेगा। असम की जनता एक एकजुट विपक्ष देखना चाहती है।"
गठबंधन की आवश्यकता पर जोर
गौरव गोगोई ने विपक्षी गठबंधन की आवश्यकता बताई
गौरव गोगोई ने कहा कि उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को राज्य में विपक्षी गठबंधन की आवश्यकता के बारे में अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि यदि यह गठबंधन सफल होता है, तो इससे पार्टी और असम दोनों को लाभ होगा।
उन्होंने कहा, "मैंने राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने तथ्य और तर्क रखे हैं। यदि यह गठबंधन हो जाता है, तो इससे पार्टी और असम दोनों को फ़ायदा होगा।"
चुनाव की तिथियाँ
नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है, जबकि कागज़ों की जांच अगले दिन होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च है। 126 सदस्यों वाली विधानसभा के चुनाव 9 अप्रैल को होंगे, और वोटों की गिनती 4 मई को होगी।