असम राज्य की स्थापना दिवस: ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
02 दिसंबर को असम राज्य की स्थापना का दिन मनाया जाता है, जो 1963 में असम के गठन की याद दिलाता है। इस दिन का ऐतिहासिक महत्व है, क्योंकि यह असम के समृद्ध इतिहास, भाषा, धर्म और राजनीतिक परिवर्तनों को दर्शाता है। जानें असम की संस्कृति और वर्तमान राजनीतिक स्थिति के बारे में।
Mar 27, 2026, 13:08 IST
असम का स्थापना दिवस
02 दिसंबर असम के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह भारत में असम राज्य की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन 1963 में असम के गठन का प्रतीक है, जब अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड और मेघालय को मिलाकर एक बड़ा राज्य बनाया गया था। 02 दिसंबर 1963 को 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के लागू होने के बाद नागालैंड और मेघालय असम से अलग हो गए, जिससे आज का असम राज्य अस्तित्व में आया।
इतिहास
असम का इतिहास समृद्ध और प्राचीन है, जो मुख्य रूप से कामरूप साम्राज्य और अहोम वंश के 600 वर्षों के शासन के लिए जाना जाता है। अहोम राजाओं ने मुगलों को कई बार पराजित किया, लेकिन 1826 में यह क्षेत्र ब्रिटिश शासन के अधीन आ गया। इसके बाद असम चाय उत्पादन और प्राकृतिक संसाधनों के केंद्र के रूप में विकसित हुआ।
भाषा और धर्म
असम की कुल जनसंख्या में लगभग 61.47% हिंदू, 34.22% मुस्लिम, और 3.74% ईसाई हैं। अन्य धर्मों में बौद्ध, जैन आदि शामिल हैं। स्वतंत्रता के बाद, असम एक बड़ा राज्य बना, जिसकी राजधानी पहले शिलांग थी, लेकिन अब यह दिसपुर है। असम में ब्रह्मपुत्र नदी प्रसिद्ध है, जो लगभग 100 किमी चौड़ी है।
राजनीतिक परिदृश्य
असम में राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं, जो मुख्य रूप से पार्टी पुनर्गठन, चुनाव और जनमत के कारण हैं। यहां प्रमुख राजनीतिक दलों में भारतीय जनता पार्टी, असम गण परिषद, कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट शामिल हैं। वर्तमान में, हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा राज्य में सत्तारूढ़ है।
लोकसभा और विधानसभा सीटें
असम में कुल 126 विधानसभा सीटें हैं। हाल ही में निर्वाचन आयोग ने परिसीमन के बाद विधानसभा और लोकसभा सीटों की संख्या को बरकरार रखा है। वर्तमान में, असम में हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा (NDA) की सरकार है।
लोकसभा सीटें: 14
विधानसभा सीटें: 126
वर्तमान मुख्यमंत्री: हिमंत बिस्वा सरमा
अनुमानित जनसंख्या: 3,12,05,576
अनुमानित पुरुष जनसंख्या: 1,59,39,443
अनुमानित महिला जनसंख्या: 1,52,66,133
साक्षरता दर: लगभग 72.19%