×

असम में समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव: मुख्यमंत्री सरमा का बयान

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का समर्थन किया, जिसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं को सुरक्षा और न्याय प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देता है और राजनीतिक हितों से ऊपर है। इसके अलावा, सरमा ने असम की आर्थिक प्रगति और केंद्र से मिली वित्तीय सहायता के बारे में भी जानकारी दी। यूसीसी विधेयक पर चर्चा 27 मई को होने की उम्मीद है।
 

समान नागरिक संहिता का उद्देश्य

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का समर्थन करते हुए कहा कि इस विधेयक का मुख्य लक्ष्य अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं को सुरक्षा और न्याय प्रदान करना है। विधानसभा में चर्चा के दौरान, मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा की सरकार ने राजनीतिक लाभ से ऊपर सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी है और इसी कारण यूसीसी विधेयक को पेश किया गया है।


राजनीतिक हितों से ऊपर सामाजिक न्याय

मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए नहीं आई है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए यूसीसी विधेयक को पेश किया गया है, जो अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं को विवाह, उत्तराधिकार और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मामलों में उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे विधेयक के उद्देश्य को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं।


असम की आर्थिक प्रगति

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि असम 2028 तक 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। विधानसभा में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2021-22 में 4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वर्तमान में 8.72 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो 13 से 15 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर को दर्शाता है।


केंद्र से वित्तीय सहायता

वित्त मंत्रालय ने बताया कि असम को 2014 से 2026 तक कर हस्तांतरण और केंद्रीय अनुदान के रूप में 5.61 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा, पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) के तहत असम को 17,000 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज-मुक्त ऋण दिया गया है। यह योजना टिकाऊ अवसंरचना विकास के लिए केंद्र से 50 वर्षों के लिए ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करती है।


यूसीसी विधेयक पर चर्चा

सोमवार को असम के संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की ओर से असम विधानसभा में 'समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026' पेश किया। इस विधेयक पर 27 मई को चर्चा और पारित होने की उम्मीद है।