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असम में बाढ़: सरकार राहत कार्यों में जुटी, मंत्री现场 पर मौजूद

असम के धेमाजी जिले में बाढ़ के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राहत कार्यों के लिए सभी संसाधनों को सक्रिय किया है। उन्होंने प्रभावित लोगों की सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास पर जोर दिया है। जल संसाधन और राजस्व मंत्री को राहत कार्यों की निगरानी के लिए तैनात किया गया है। जानें इस संकट के समय में सरकार की क्या योजनाएँ हैं और कैसे मदद पहुँचाई जा रही है।
 

असम के धेमाजी में बाढ़ की गंभीर स्थिति

धेमाजी जिले में बाढ़ के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। इस संकट के समय में असम सरकार ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सभी संसाधनों को सक्रिय किया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार न केवल तात्कालिक राहत प्रदान कर रही है, बल्कि दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए भी पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।


पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने जानकारी दी है कि भारी कटाव के कारण एक रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते आर्चीपाथर और सिमेन चापरी स्टेशनों के बीच रेल सेवाएं अगली सूचना तक बंद रहेंगी।


मुख्यमंत्री की स्थिति पर नजर

शर्मा ने एक्स पर साझा किया, 'धेमाजी में बाढ़ की स्थिति के उत्पन्न होने के बाद से मैं लगातार हालात पर ध्यान दे रहा हूं। इस आपदा के कारण लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से हमें गहरा दुख है और इस कठिन समय में हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।'


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और दीर्घकालिक पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक संसाधन जुटा रही है। जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशब महंत को धेमाजी में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।'


कैबिनेट मंत्रियों की तैनाती

धेमाजी में कैम्प करेंगे दो कैबिनेट मंत्री


राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लिया है। उन्होंने कैबिनेट के दो प्रमुख मंत्रियों को धेमाजी में रहकर जमीनी स्तर पर राहत कार्यों की देखरेख करने का निर्देश दिया है:


सुशांत बोरगोहेन (जल संसाधन मंत्री)


केशब महंत (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री)


ये दोनों मंत्री धेमाजी में कैंप करेंगे और अपनी देखरेख में पूरे राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी करेंगे ताकि हर पीड़ित तक समय पर सहायता पहुँच सके।