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असम में कांग्रेस पर घुसपैठियों को बढ़ावा देने का आरोप

केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने कांग्रेस पर असम में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को लाने का आरोप लगाया है। उन्होंने भाजपा सरकार की विकास पहलों की प्रशंसा की और कहा कि पिछले 10 वर्षों में असम में अभूतपूर्व बदलाव आए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस के नरम रुख की आलोचना की। जानें इस राजनीतिक विवाद के पीछे की पूरी कहानी और असम की सुरक्षा पर भाजपा का दृष्टिकोण।
 

केंद्रीय मंत्री का कांग्रेस पर आरोप

केंद्रीय मंत्री सरबानंदा सोनोवाल ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि वह असम में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को लाने में संलग्न है, जिससे राज्य के विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है। आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में बोलते हुए, सोनोवाल ने भाजपा सरकार की विकास पहलों का उल्लेख किया, जिनके अनुसार राज्य में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिले हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार द्वारा चलाए गए बेदखली अभियानों की सराहना की, यह कहते हुए कि ये अभियान आदिवासी लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में सफल रहे हैं।


कांग्रेस की नीतियों पर सवाल

सोनोवाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने असम की प्रगति में कभी रुचि नहीं दिखाई, जिसके कारण उनके 55 वर्षों के शासन में राज्य काफी पीछे रह गया। इसके विपरीत, भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में कई विकास कार्यों के माध्यम से असम में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अवैध बांग्लादेशियों को असम में बसाने के लिए विभिन्न जिलों में भूमि उपलब्ध कराई।


गृह मंत्री का बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान असम को घुसपैठियों के हवाले कर दिया गया था। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने असम को घुसपैठियों के हाथों में सौंप दिया, जो असम के गरीब लोगों की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा ने पिछले 10 वर्षों में असम के महत्वपूर्ण हिस्सों से 1.5 लाख एकड़ भूमि घुसपैठियों से मुक्त कराई है।


असम की सुरक्षा पर जोर

शाह ने असम में भाजपा सरकार की विकास और शांति पहलों पर जोर देते हुए कहा कि असम की एक इंच जमीन भी कोई नहीं छीन सकता। उन्होंने गांधी परिवार और नेहरू परिवार पर आरोप लगाया कि इनका असम के प्रति कभी कोई स्नेह नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि असम की भूमि भारत की है और इसे कोई नहीं छीन सकता।