असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान संपन्न
मतदान का समापन और आंकड़े
गुरुवार को असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 2026 विधानसभा चुनावों के लिए मतदान प्रक्रिया समाप्त हो गई। शाम तक मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, शाम 5 बजे तक असम में 84.42%, केरल में 75.01% और पुडुचेरी में 86.92% मतदान हुआ। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जलुकबारी में अपने निर्वाचन क्षेत्र में वोट डाला, जहां वे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार हैं। उनके साथ उनकी पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा और बच्चे भी मौजूद थे। मतदान से पहले, उन्होंने गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर में पूजा की।
जलुकबारी सीट का इतिहास
जलुकबारी सीट पर सरमा का लगभग 25 वर्षों से कब्जा है। उन्होंने 2001 में असम गण परिषद के नेता भृगु कुमार फुकन को हराकर इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व शुरू किया था। इस बीच, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों में सामान्य मतदान देखा गया। शाम 5 बजे तक, कर्नाटक के बागलकोट में 65.68%, दावनगेरे दक्षिण में 63.04%, नागालैंड के कोरिडांग में 80.62% और त्रिपुरा के धर्मनगर में 79.84% मतदान हुआ।
2021 के चुनावों की तुलना
असम में 2021 के विधानसभा चुनावों में तीन चरणों में लगभग 82 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार एक चरण में कुल 722 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। अधिकारियों ने बताया कि अपराह्न तीन बजे तक कामरूप के चमारिया में सबसे अधिक 84.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि न्यू गुवाहाटी में सबसे कम 60.57 प्रतिशत मतदान हुआ।
मुख्यमंत्री और अन्य प्रमुख उम्मीदवारों की वोटिंग
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कामरूप (मेट्रो) जिले के गराल बुनियादी एलपी स्कूल में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मतदान किया। मतदान से पहले, उन्होंने परिवार के साथ कामाख्या मंदिर और डौल गोविंदा मंदिर में पूजा की। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने अपनी मां के साथ जोरहाट के डीसीबी एलपी स्कूल में वोट डाला। अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में नाजिरा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया, जोरहाट में केंद्रीय मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, खोवांग में असम गण परिषद के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई और शिवसागर में रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई शामिल हैं।
केरल में चुनावी परिदृश्य
केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में बने रहने का प्रयास कर रहा है। वहीं, कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) एक दशक से चल रहे वाम शासन को समाप्त कर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) एलडीएफ और यूडीएफ के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए चुनावी मैदान में है।