अश्वगंधा: 6000 साल पुरानी जड़ी-बूटी की अद्भुत विशेषताएँ
अश्वगंधा: भारतीय चिकित्सा का एक अनमोल हिस्सा
भारतीय व्यंजनों में जड़ी-बूटियों और मसालों का उपयोग सदियों से होता आ रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। इनमें से एक प्रमुख जड़ी-बूटी है अश्वगंधा, जो शरीर और मन को ताजगी प्रदान करने के साथ-साथ दीर्घकालिक स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक है। यूएस के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, इसका उपयोग बीमारियों के उपचार के लिए 6000 वर्षों से किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अश्वगंधा की शक्ति को स्वीकार किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मानी इसकी ताकत
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अश्वगंधा की विशेषताओं की सराहना की है। उन्होंने "Restoring Balance: The Science and Practice of Health and Well-being" विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि भारत पारंपरिक चिकित्सा को विज्ञान और जनकल्याण के साथ जोड़कर वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा, "हालांकि इस जड़ी-बूटी का उपयोग भारत में सदियों से हो रहा है, लेकिन COVID-19 महामारी के दौरान इसकी मांग में काफी वृद्धि हुई है।"
कोरोना काल में अश्वगंधा पर विश्वास
कोरोना काल में क्याें किया गया अश्वगंधा पर विश्वाश
कोरोना महामारी के दौरान अश्वगंधा की चर्चा काफी बढ़ गई थी। आयुर्वेद में इसे रसायन माना जाता है, जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है, जिससे शरीर वायरस से बेहतर तरीके से लड़ने के लिए तैयार रहता है। इसी कारण आयुष मंत्रालय ने इसे इम्युनिटी बूस्टर के रूप में सुझाया था। महामारी के दौरान तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याएँ आम थीं, और अश्वगंधा एक एडैप्टोजेन के रूप में मानसिक तनाव और नींद की समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
कमजोरी और थकान से उबरने में सहायक
कमजोरी और थकान से उबरने में मदद
कोरोना के बाद कई लोगों ने कमजोरी और थकान की शिकायत की। अश्वगंधा ने ऊर्जा और स्टैमिना को पुनः प्राप्त करने में मदद की। ध्यान रहे कि अश्वगंधा कोरोना का इलाज नहीं है, बल्कि यह इम्यूनिटी सपोर्ट और मानसिक एवं शारीरिक मजबूती के लिए उपयोगी है। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन, मास्क और चिकित्सा उपचार आवश्यक हैं।
अश्वगंधा को दैनिक जीवन में शामिल करने के तरीके
अश्वगंधा को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में शामिल करने के 4 तरीके
दूध के साथ अश्वगंधा पाउडर: रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाएं। इससे अच्छी नींद और तनाव में कमी आती है।
सुबह खाली पेट अश्वगंधा: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी या शहद के साथ अश्वगंधा लेने से इम्युनिटी मजबूत होती है।
चाय या हर्बल ड्रिंक में मिलाकर: आप अपनी हर्बल चाय या ग्रीन टी में थोड़ा सा अश्वगंधा पाउडर मिला सकते हैं।
कैप्सूल या टैबलेट के रूप में: अश्वगंधा कैप्सूल या टैबलेट के रूप में भी उपलब्ध है। यदि आपको स्वाद पसंद नहीं है, तो यह एक आसान विकल्प है। किसी भी सप्लीमेंट का उपयोग करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।