अशोक गहलोत ने NEET-UG परीक्षा रद्द करने पर भाजपा सरकार की आलोचना की
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने NEET-UG परीक्षा के संचालन पर भाजपा सरकार की आलोचना की है। केंद्र ने पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के चलते परीक्षा को रद्द कर दिया है। गहलोत ने सीबीआई से जांच में तर्कसंगत निष्कर्ष पर पहुंचने का आग्रह किया है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि पिछले तीन वर्षों में एनटीए से प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और छात्रों की प्रतिक्रिया क्या है।
May 12, 2026, 16:10 IST
राजस्थान में NEET-UG परीक्षा रद्द
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को राज्य की भाजपा सरकार की NEET-UG परीक्षा के संचालन पर कड़ी आलोचना की। केंद्र ने परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के चलते इसे रद्द कर दिया। 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा अब अलग से अधिसूचित तिथियों पर पुनः आयोजित की जाएगी। इस मामले की गहन जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा गया है। गहलोत ने आरोप लगाया कि देशभर में कई पेपर लीक के पीछे राष्ट्रीय स्तर के गिरोह सक्रिय हैं और उन्होंने सीबीआई से इस मामले में तर्कसंगत निष्कर्ष पर पहुंचने का आग्रह किया।
गहलोत की चिंताएं और पुलिस की भूमिका
कांग्रेस नेता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह स्थिति समझ से परे है। जब छात्रों ने 3 और 4 मई को शिकायतें दर्ज कराईं, तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद छात्रों ने एनटीए को पत्र लिखा, जिसके बाद पुलिस ने मामला स्वीकार किया और जांच एसओजी को सौंप दी। 20 से 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन पुलिस ने एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की, यह स्पष्ट नहीं है। एनटीए से पिछले तीन वर्षों में प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं। जब तक हम इसकी जड़ तक नहीं पहुंचेंगे, यह समस्या बनी रहेगी। कई राज्यों में प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं और युवा इन गिरोहों से नाराज हैं। मैंने केंद्र से इस मुद्दे को हल करने की अपील की थी। एनटीए ने बिना एफआईआर के परीक्षा रद्द की, जिसका मतलब है कि उनके पास लीक का ठोस सबूत होगा। राजस्थान सरकार और एसओजी के पास सबूत क्यों नहीं हैं? हमारे कार्यकाल में भी प्रश्नपत्र रद्द हुए थे, लेकिन मामले दर्ज किए गए थे। यह एक दुखद घटना है। सीबीआई को निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान को इस पर ध्यान देना चाहिए।
राजस्थान कांग्रेस नेता की टिप्पणी
राजस्थान कांग्रेस के नेता टीकाराम जुली ने भी राज्य पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा, "आज जो NEET परीक्षा स्थगित की गई है, उसकी शिकायतें पहले भी पुलिस को मिली थीं, लेकिन उन्होंने उन पर ध्यान नहीं दिया। राजस्थान पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज क्यों नहीं की और इसे पेपर लीक क्यों नहीं माना? इसकी जांच न्यायपालिका के मार्गदर्शन में होनी चाहिए। पेपर माफिया का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में मिली जानकारियों की जांच के बाद परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया। कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा की गई जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चिंता जताई गई थी। इस बीच, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को शास्त्री भवन पर लगे बैरिकेड्स पर चढ़कर अपना विरोध जताते देखा गया।