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अरविंद केजरीवाल ने मेटा पर लगाया बड़ा आरोप, सोशल मीडिया अकाउंट पर पाबंदी

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मेटा पर आरोप लगाया है कि उनका सोशल मीडिया अकाउंट भारत में रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया है। उन्होंने बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिलने की बात कही। यह विवाद प्रधानमंत्री मोदी के एक वीडियो को हटाने के मामले से जुड़ा है, जिसमें मेटा को केंद्र सरकार की नाराजगी का सामना करना पड़ा। जानें इस मामले में और क्या हुआ है और केजरीवाल ने क्या कहा है।
 

केजरीवाल का मेटा पर आरोप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय तथा मेटा के बीच चल रहे विवाद के बीच, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने मेटा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कहा कि मेटा ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट को 'रिस्ट्रिक्ट' कर दिया है। केजरीवाल ने यह भी बताया कि उन्होंने बार-बार संपर्क करने के बावजूद मेटा से कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला है।


यह आरोप उस समय सामने आया है जब प्रधानमंत्री मोदी का एक वीडियो हटाए जाने को लेकर मेटा और केंद्र सरकार के बीच विवाद चल रहा है।


सोशल मीडिया पर केजरीवाल का बयान

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने X (पूर्व ट्विटर) पर मेटा इंडिया को टैग करते हुए अपने 'रिस्ट्रिक्टेड' अकाउंट का स्क्रीनशॉट साझा किया। उन्होंने मेटा की सेवाओं को 'काफी खराब' बताया और कंपनी से आग्रह किया कि वह पीएम मोदी और उनकी सरकार के सामने 'झुके नहीं'। हालांकि, केजरीवाल ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका कौन सा अकाउंट - Instagram या Facebook - 'रिस्ट्रिक्ट' किया गया है।


रिस्ट्रिक्शन का कारण जानने की कोशिश

केजरीवाल ने कहा, "आपने मेरा अकाउंट क्यों रिस्ट्रिक्ट किया है? आपके भारत ऑफिस में पूछने पर पता चला कि मेरा अकाउंट भारत में रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया है और भारत में उपलब्ध नहीं है। क्यों? आपके ऑफिस में कोई भी इसका कारण नहीं बता रहा है। कोई यह भी नहीं बता रहा है कि ये पाबंदियां कैसे हटाई जा सकती हैं। जितने भी ईमेल लिखे गए, उनका कोई जवाब नहीं मिला, बस एक रूटीन एक्नॉलेजमेंट मिला।"


PM मोदी का वीडियो हटाने का विवाद

प्रधानमंत्री मोदी की 23 जुलाई की Facebook पोस्ट को कुछ समय के लिए हटाने को लेकर मेटा को केंद्र सरकार की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। इसके चलते कंपनी को सफाई देनी पड़ी और सरकार से माफी भी मांगनी पड़ी। केंद्र सरकार ने मेटा के बड़े अधिकारियों को तलब किया है और पूछा है कि क्या वे अपने प्लेटफॉर्म पर गैर-कानूनी कंटेंट को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं।


कंपनी ने, जिसने बाद में पोस्ट को बहाल कर दिया था, माना है कि "एक खास तरह के कंटेंट को बूस्ट करने के लिए काफी पैसे दिए गए थे"। सरकारी सूत्रों के अनुसार, "उन्होंने माना कि उनके सिस्टम इतने सारे गैर-कानूनी कंटेंट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।"


सरकार के सवाल और मेटा की स्थिति

सरकार ने मेटा से बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट, डीपफेक, वेरिफाइड और प्रमुख अकाउंट्स की सुरक्षा, एल्गोरिदम में पक्षपात और भारतीय कानूनों के पालन को लेकर भी सवाल किए हैं। कंपनी ने यह भी माना है कि "खास ऑडियंस के लिए पेड प्रमोशन किए गए थे"। मेटा को आगे भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।


केजरीवाल का ट्वीट

Hi @Meta @metaindia

Why have you restricted my account? Verbal enquiries at your India office revealed that my account has been restricted in India and is unavailable in India. Why? Noone in your office is giving any reasons. Noone is suggesting how restrictions can be removed.… pic.twitter.com/4JThAqFMon

— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 6, 2026