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अरविंद केजरीवाल को मिली बड़ी राहत, एक्साइज पॉलिसी केस में बरी

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को एक्साइज पॉलिसी केस में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। सुनीता केजरीवाल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्य की जीत की बात की। कोर्ट ने CBI की कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि मामले में कोई बड़ी साजिश नहीं थी। यह फैसला आम आदमी पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ साबित हो सकता है। जानें इस फैसले का व्यापक प्रभाव क्या होगा।
 

सच की जीत: सुनीता केजरीवाल का बयान

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल की पत्नी, सुनीता केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री को एक्साइज पॉलिसी मामले में सभी आरोपों से मुक्त किए जाने के बाद सत्य की हमेशा विजय होती है।


सुनीता ने माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "इस दुनिया में, चाहे कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, शिव शक्ति से ऊपर नहीं उठ सकता। सच की हमेशा जीत होती है।"


कोर्ट का फैसला और आरोपों की बरी

सुनीता केजरीवाल का यह बयान AAP के प्रमुख नेताओं, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने के तुरंत बाद आया है। कोर्ट ने न केवल उन्हें, बल्कि तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कविता सहित सभी 21 आरोपियों को भी आरोपों से मुक्त कर दिया।


यह आदेश राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज जितेंद्र सिंह ने दिया, जिन्होंने कहा कि मामले में कोई "बड़ी साज़िश या आपराधिक इरादा" नहीं था। जज ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की भी आलोचना की, यह कहते हुए कि यदि इस तरह की कार्रवाई की अनुमति दी गई, तो यह संविधान का "गंभीर उल्लंघन" होगा।


अरविंद केजरीवाल की भावनाएं

फैसले के बाद, जब अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने आए, तो वह अपने आंसू नहीं रोक सके। उन्होंने कहा, "मैं भ्रष्ट नहीं हूँ। आज अदालत ने भी यह स्पष्ट कर दिया है कि मनीष सिसोदिया और मैं पूरी तरह से ईमानदार हैं। यह जीत केवल हमारी नहीं, बल्कि दिल्ली की जनता और सत्य की जीत है।"


आप के लिए राजनीतिक राहत

यह निर्णय न केवल आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, बल्कि यह विपक्षी एकता और आगामी चुनावों में भी एक बड़ा मुद्दा बनेगा। 23 आरोपियों में से किसी के खिलाफ आरोप तय न होना इस मामले की जड़ों पर सवाल उठाता है।


इस फैसले के साथ, पिछले कई वर्षों से चल रहा 'शराब घोटाला' विवाद कानूनी रूप से समाप्त हो गया है। अब यह देखना होगा कि क्या CBI इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती देती है या यह 'आप' के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से अंतिम विजय साबित होगा।