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अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच का दायरा बढ़ा

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपने दायरे को बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस जांच में ट्रस्ट के कार्यों के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया जाएगा, जिसमें फोरेंसिक विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। टीम ने 200 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा धार्मिक समारोहों पर खर्च में वित्तीय अनियमितताओं तक बढ़ा दिया गया है। ट्रस्ट ने दान प्रबंधन की निगरानी को और सख्त कर दिया है।
 

जांच टीम का विस्तार

अयोध्या, दो अगस्त: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के लिए गठित दूसरी विशेष जांच टीम (एसआईटी) अपने कार्यक्षेत्र को बढ़ाने की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार, इस जांच में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यों के कई पहलुओं को शामिल किया जाएगा, जिसमें फोरेंसिक विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।


नई रणनीतियों का उपयोग

सूत्रों ने बताया कि लखनऊ क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. के नेतृत्व वाली एसआईटी अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग कर सकती है और भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित दुरुपयोग से संबंधित साक्ष्यों का पुनः विश्लेषण कर सकती है। टीम के अयोध्या पहुंचने की संभावना जल्द ही है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित इस एसआईटी में अयोध्या क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक सोमेन वर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं।


फोरेंसिक ऑडिट और विशेषज्ञों की भूमिका

जांच में एक फोरेंसिक ऑडिटर और अन्य विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। एसआईटी, दर्ज बयानों और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर ट्रस्ट के अधिकारियों की भूमिका की जांच करेगी। इसके अलावा, टीम भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और दान संग्रह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भी जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस कथित अपराध में किसी की संलिप्तता थी या नहीं।


पूछताछ का दायरा

सूत्रों के अनुसार, नई एसआईटी ने पूछताछ के लिए 200 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए हैं। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की जा सकती है। यह मामला लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अगुवाई में पहली एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया था।


आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने इस कथित चोरी के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और ट्रस्ट के अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाकर मंदिर में धार्मिक समारोहों और त्योहारों पर हुए खर्च में संभावित वित्तीय अनियमितताओं को भी शामिल किया गया है। यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब ट्रस्ट ने दान प्रबंधन की निगरानी को और सख्त कर दिया है।


दान प्रबंधन की निगरानी

ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने शनिवार को बताया कि सोना, चांदी और अन्य चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं की जांच अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई से दान प्रबंधन प्रक्रिया के हर चरण की लगातार वीडियोग्राफी की जा रही है और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और एक आठ सदस्यीय निगरानी टीम भी तैनात की गई है। दास ने यह भी कहा कि मंदिर में पूजा और दर्शन सामान्य रूप से जारी हैं।