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अयोध्या में सावन मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव

अयोध्या में सावन झूला मेला और कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए, राम मंदिर में सुरक्षा और दर्शन की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। प्रशासन ने बिना पास के प्रवेश पर रोक लगाने और दर्शन के समय में बदलाव की योजना बनाई है। 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। जानें इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में क्या-क्या शामिल है और श्रद्धालुओं के लिए क्या नए नियम लागू होंगे।
 

सावन झूला मेला और कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा उपाय

अयोध्या (उप्र), 27 जुलाई: सावन झूला मेला और कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए, राम मंदिर में सुरक्षा और दर्शन की व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए जा रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, 8 से 11 अगस्त और 23 से 28 अगस्त के बीच आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में बिना पास के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।


यदि भीड़ अत्यधिक बढ़ जाती है, तो परकोटा में स्थित सभी छह उप-मंदिरों में दर्शन को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। इसके साथ ही, राम लला के दर्शन का समय बढ़ाने का विकल्प भी खुला रखा गया है। प्रशासन का अनुमान है कि सावन के त्योहार के दौरान अयोध्या में 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। अगस्त के सामान्य दिनों में भी रोजाना 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।


सूत्रों ने बताया कि सावन के दूसरे सोमवार, यानी 10 अगस्त को कांवड़ियों की सबसे अधिक भीड़ होने की संभावना है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, केवल पास धारकों को ही सप्त मंडपम और कुबेर नवरत्न टीला में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। वर्तमान में लागू सामान्य दर्शन व्यवस्था के तहत, 2-2 घंटे के अलग-अलग स्लॉट में 1,500 पास जारी किए जाते हैं।


ये पास श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बनाए जाते हैं। अयोध्या नगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने बताया कि त्योहार के दौरान सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, अतिरिक्त रोशनी, तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, खोया-पाया केंद्र की व्यवस्था की जाएगी और अतिरिक्त पुलिस बल व पीएसी तैनात की जाएगी।


उन्होंने बताया कि सरयू घाटों और प्रमुख मंदिरों - नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी और कनक भवन - पर भी सुरक्षा को कड़ा किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) विजय शंकर मिश्र ने कहा कि फिलहाल व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन भीड़ के अनुसार मार्ग परिवर्तन और अन्य प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। अयोध्या परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सोमेन वर्मा की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा बैठक पहले ही हो चुकी है, जबकि सुरक्षा का अंतिम रोडमैप श्री राम जन्मभूमि सुरक्षा समन्वय समिति की बैठक में मंज़ूर किया जाएगा।


जिला प्रशासन ने बताया कि राम मंदिर में रोजाना लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था करने की क्षमता है। यदि अधिक भीड़ होती है, तो श्रद्धालुओं को निर्धारित रास्तों से चरणबद्ध तरीके से दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी।