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अमेरिकी संसद ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रस्ताव पारित किया

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव का समर्थन राष्ट्रपति ट्रंप की अपनी पार्टी के कई सांसदों ने किया, जो कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव है। मतदान में 215 सांसदों ने प्रस्ताव के पक्ष में और 208 ने विरोध में वोट दिया। जानें इस प्रस्ताव के पीछे की राजनीति और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

अमेरिकी राजनीति में नया मोड़

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर नियंत्रण लगाने के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को रोकना है। इस मतदान में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कई सांसदों ने विपक्षी डेमोक्रेट्स का समर्थन किया, जो कि एक असामान्य स्थिति है।


Donald Trump को बड़ा झटका! अमेरिकी संसद में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रस्ताव पास, अपनों ने ही बदला पाला


जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ता गया, राष्ट्रपति ट्रंप ने त्वरित समाधान की कोशिश की, लेकिन युद्ध के प्रति असंतोष भी बढ़ा। बुधवार को हुए मतदान में 215 सांसदों ने प्रस्ताव के पक्ष में और 208 ने विरोध में वोट दिया। परिणाम के बाद सांसदों ने जश्न मनाया। न्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा कि यह महंगा युद्ध तुरंत समाप्त होना चाहिए।


यह प्रस्ताव ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध को रोकने के लिए प्रतिनिधि सभा में चौथा प्रयास था और पहली बार इसे पारित किया गया है।


सीनेट में भी प्रस्ताव पर चर्चा

पिछले महीने, सीनेट ने भी इसी तरह के एक प्रस्ताव को आगे बढ़ाया था, जिसमें कुछ रिपब्लिकन सीनेटरों ने राष्ट्रपति के खिलाफ जाकर समर्थन किया। हर बार जब डेमोक्रेट्स ने यह प्रस्ताव पेश किया, समर्थन बढ़ता गया। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान अमेरिका को विदेशी संघर्षों से दूर रखने का वादा किया था, लेकिन यह युद्ध फिर से अमेरिकी राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।


हालांकि, जॉनसन ने कहा कि ट्रंप मध्यावधि चुनावों को देखते हुए घरेलू मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ये चुनाव संसद में पार्टी नियंत्रण का फैसला करेंगे।


महंगाई और युद्ध का प्रभाव

ट्रंप अपने सहयोगी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए खोलने की अपील कर रहे हैं। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद से पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ गया है। अप्रैल में युद्धविराम की घोषणा की गई थी, लेकिन स्थिति अब भी अस्थिर है।


ईरान समर्थित हिजबुल्ला के साथ इजराइल का संघर्ष स्थिति को और जटिल बना रहा है। प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित यह प्रस्ताव युद्ध को तुरंत नहीं रोकेगा, लेकिन इसे आगे की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है।


संविधान और युद्ध शक्तियां

अमेरिकी संविधान के अनुसार, युद्ध घोषित करने का अधिकार संसद के पास है, लेकिन राष्ट्रपति सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकते हैं। इसी कारण से युद्ध और शांति से जुड़े मामलों में संवैधानिक बहस जारी है। युद्ध शक्तियां अधिनियम के तहत, किसी भी सैन्य कार्रवाई के 60 दिन के भीतर राष्ट्रपति को कांग्रेस से मंजूरी लेनी होती है। प्रशासन का कहना है कि ईरान संघर्ष में युद्धविराम घोषित हो चुका है, इसलिए शत्रुता समाप्त मानी जानी चाहिए।