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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नए टैरिफ आदेश: दवाओं और धातुओं पर महत्वपूर्ण बदलाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दो महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें आयातित ब्रांडेड दवाओं पर 100% टैरिफ और इस्पात, एल्युमीनियम तथा तांबे के उत्पादों पर टैरिफ में कमी शामिल है। नए ढांचे के अनुसार, भारत जैसे देशों से पेटेंट वाली दवाओं पर यह टैरिफ लागू होगा। जेनेरिक दवाएं फिलहाल इस छूट में हैं, लेकिन उद्योग को उत्पादन अमेरिका में स्थानांतरित करने की चेतावनी दी गई है। जानें इन आदेशों का व्यापक प्रभाव क्या होगा।
 

ट्रंप के कार्यकारी आदेशों का प्रभाव

वाशिंगटन में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दो महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। पहले आदेश के तहत, अमेरिका में आयातित ब्रांडेड दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लागू किया जाएगा। वहीं, दूसरे आदेश में, ट्रंप ने इस्पात, एल्युमीनियम और तांबे के उत्पादों पर टैरिफ में कमी की है।


भारत पर लागू होने वाला टैरिफ

गुरुवार को जारी किए गए नए ढांचे के अनुसार, भारत समेत उन देशों से पेटेंट वाली दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा, जिन्होंने न तो अमेरिकी वाणिज्य विभाग के साथ रीशोरिंग समझौता किया है और न ही स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (एचएचएस) के साथ मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) मूल्य निर्धारण समझौता किया है। रीशोरिंग का अर्थ है कि वस्तुओं का उत्पादन और निर्माण कंपनी के मूल देश में वापस लाया जाएगा। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कदम आवश्यक दवाओं के लिए विदेशी निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।


पेटेंट वाले उत्पादों पर टैरिफ

अधिकारी ने बताया कि 100% टैरिफ केवल पेटेंट वाले उत्पादों पर लागू होगा। भारत से आयातित कोई भी पेटेंट दवा, जो उन कंपनियों द्वारा बनाई गई है जिन्हें रीशोरिंग योजना के लिए मंजूरी नहीं मिली है, उस पर यह टैरिफ लागू होगा।


जेनेरिक दवाओं की स्थिति

फिलहाल, जेनेरिक दवाएं इस टैरिफ से मुक्त रहेंगी, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जेनेरिक दवा उद्योग ने तेजी से उत्पादन को अमेरिका में स्थानांतरित नहीं किया, तो यह स्थिति बदल सकती है।


धातुओं पर टैरिफ में कमी

डोनाल्ड ट्रंप ने इस्पात, एल्युमीनियम और तांबे के आयात पर राष्ट्रीय सुरक्षा शुल्क में भी बदलाव किया है। इसका उद्देश्य इन धातुओं से बने उत्पादों पर शुल्क की दरों को कम करना और अनुपालन को सरल बनाना है।


टैरिफ की नई दरें

ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 232 के तहत इस्पात, एल्युमीनियम और तांबे के आयात पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क बनाए रखेगा, लेकिन यह दर अमेरिकी ग्राहकों द्वारा भुगतान की गई कीमतों पर लागू होगी। यह स्पष्ट नहीं है कि बिक्री मूल्य और टैरिफ कैसे निर्धारित किए जाएंगे।


आयात मूल्यों में कमी

अधिकारी ने बताया कि कुछ आयातकों ने अपने टैरिफ लागत को कम करने के लिए आयात मूल्यों को कृत्रिम रूप से कम कर दिया था। अमेरिका इस्पात, एल्युमीनियम और तांबे से बने उत्पादों पर पहले लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क को समाप्त कर देगा, बशर्ते उत्पाद में इन धातुओं की मात्रा वजन के हिसाब से 15 प्रतिशत से कम हो।


कम धातु वाले उत्पादों पर शुल्क समाप्त

इससे उन उत्पादों पर लगने वाला शुल्क समाप्त हो जाएगा जिनमें धातुओं की मात्रा न्यूनतम होती है, जैसे एल्युमीनियम ढक्कन वाली इत्र की बोतल या स्टील के छोटे ब्लेड वाला डेंटल फ्लोस कंटेनर।