अमेरिका की अंडर-19 क्रिकेट टीम में भारतीय खिलाड़ियों की उपस्थिति का रहस्य
अंडर-19 विश्व कप 2026 में भारतीय खिलाड़ियों की भूमिका
जिम्बाब्वे में इस समय अंडर-19 विश्व कप 2026 का आयोजन हो रहा है। हाल ही में भारतीय अंडर-19 टीम का मुकाबला अमेरिका की अंडर-19 टीम से हुआ। इस मैच में जब अमेरिका की टीम मैदान पर उतरी, तो सभी को आश्चर्य हुआ क्योंकि टीम में सभी खिलाड़ी भारतीय थे।
इस स्थिति ने प्रशंसकों के मन में सवाल उठाया कि अमेरिका की टीम में भारतीय खिलाड़ियों को कैसे शामिल किया गया। आज हम इस प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
भारतीय खिलाड़ियों की अमेरिका में एंट्री की प्रक्रिया
अमेरिका में लगभग 40 से 50 लाख भारतीय प्रवासी निवास करते हैं, जिसके कारण अमेरिका की क्रिकेट टीम में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की संख्या अधिक है। हालांकि, अमेरिका में क्रिकेट का उतना प्रचलन नहीं है, इसलिए वहां के मूल निवासी कम खेलते हैं।
अमेरिका में क्रिकेट का विकास भारतीय, पाकिस्तानी और कैरेबियाई प्रवासियों के हाथों में है। USA Cricket का कहना है कि चयन प्रक्रिया केवल मेरिट, फिटनेस और क्षमता पर आधारित है, न कि किसी खिलाड़ी के बैकग्राउंड पर।
अमेरिका में भारतीय खिलाड़ियों की एंट्री का तरीका
अमेरिका में भारतीय खिलाड़ियों को जगह बनाने के लिए कुछ आईसीसी नियमों का पालन करना होता है। ये नियम इस प्रकार हैं:
- खिलाड़ी का अमेरिका में जन्म होना चाहिए।
- खिलाड़ी के पास अमेरिका की नागरिकता होनी चाहिए।
- खिलाड़ी को कम से कम 3 साल से अमेरिका में रहना चाहिए।
- पिछले 5 सालों में खिलाड़ी को अपनी क्लब टीम के लिए 50% घरेलू लीग मैच खेलने चाहिए।
- खिलाड़ी को पिछले 5 सालों में अमेरिका में क्रिकेट कोचिंग, खेलने या प्रशासन में कम से कम 100 दिन बिताने चाहिए।
अमेरिका में क्रिकेट खिलाड़ियों की सैलरी
अमेरिका में क्रिकेट का उतना विकास नहीं हुआ है, इसलिए खिलाड़ियों को अन्य देशों की तुलना में कम सैलरी मिलती है। अमेरिका में खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 1 साल और कुछ को 3 महीने के लिए मिलता है। इसके अलावा, खिलाड़ी MLC (मेजर लीग क्रिकेट) जैसी लीग से अतिरिक्त आय भी प्राप्त करते हैं।
- अमेरिकी खिलाड़ियों की सालाना सैलरी:
- सबसे कम सैलरी: 15,080 डॉलर (लगभग 12 लाख रुपये)
- सबसे ज्यादा सैलरी: 90,000 डॉलर (लगभग 75 लाख रुपये)