अमेरिका का चीन और ईरान पर कड़ा बयान: सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका का बयान
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका ने चीन और ईरान के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि चीन ने अमेरिका को आश्वासन दिया है कि वह ईरान को किसी भी प्रकार के हथियार नहीं देगा।
चीन के साथ संवाद का दावा
पीट हेगसेथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका और चीन के उच्चतम स्तर पर बातचीत हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति और चीनी राष्ट्रपति के बीच संवाद के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ईरान को हथियार भेजने की कोई योजना नहीं है।
सैन्य कार्रवाई की संभावना
अमेरिका ने ईरान के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि यदि बातचीत से समाधान नहीं निकलता है, तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह से तैयार है और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका फिलहाल कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन यदि ईरान ने समझौते पर सहमति नहीं दी, तो हालात तेजी से बदल सकते हैं। हेगसेथ के अनुसार, अमेरिकी बल उच्च सतर्कता पर हैं और किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
ईरान को सख्त चेतावनी
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ईरान को चेतावनी दी कि उसे सोच-समझकर निर्णय लेना होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल न कर सके। अमेरिका ने बताया कि वह सीमित सैन्य संसाधनों के साथ ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रहा है। अब तक कई जहाजों ने चेतावनी के बाद अपना मार्ग बदल लिया है, जबकि किसी जहाज को जबरन रोका नहीं गया है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उनकी सेनाएं किसी भी समय कार्रवाई के लिए तैयार हैं। यदि स्थिति बिगड़ती है, तो तुरंत प्रतिक्रिया दी जाएगी।
ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के बीच 72 घंटों में 14 जहाजों ने बदला रास्ता
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान के बंदरगाहों पर लागू की गई नाकेबंदी का प्रभाव समुद्री यातायात पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कुछ समय पहले ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने बताया था कि नाकेबंदी शुरू होने के बाद 13 जहाज अपने मार्ग से लौट गए थे। हालिया जानकारी में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया है कि पिछले 72 घंटों में कुल 14 जहाजों ने दिशा बदल ली है। सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी बल पूरी सतर्कता और दृढ़ता के साथ उन जहाजों पर नजर रखे हुए हैं, जो ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने या वहां से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं।