अमेरिका का ईरान पर कड़ा रुख: खर्ग द्वीप पर कब्जे की संभावना
अमेरिकी राष्ट्रपति का विवादास्पद बयान
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजारों में हलचल मचा दी है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे ईरान का तेल लेना चाहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर अमेरिका खर्ग द्वीप पर कब्जा भी कर सकता है, जो ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है।
ईरान के तेल पर कब्जा करने की चर्चा
ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि उनके पास कई सैन्य विकल्प हैं। उन्होंने कहा, "शायद हम खर्ग द्वीप ले लें, शायद नहीं... हमारे पास कई विकल्प हैं।" खर्ग द्वीप ईरान का सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात हब है, जहां से अधिकांश कच्चा तेल विश्वभर में भेजा जाता है। इस द्वीप पर कब्जा करना ईरान की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
अमेरिकी सेना की सफलताएं
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि ईरान में आज का दिन महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सशस्त्र बलों ने कई लंबे समय से खोजे जा रहे लक्ष्यों को नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने अपनी सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे श्रेष्ठ और घातक सेना है।
युद्ध की आशंका
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने पहले ही पश्चिम एशिया में अपने सैन्य बल को मजबूत कर लिया है। लगभग 10,000 सैनिकों की तैनाती की योजना बनाई गई है, जिसमें मरीन और एयरबोर्न डिवीजन के जवान शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खर्ग द्वीप पर हमला होता है, तो यह संघर्ष को और बढ़ा सकता है और अमेरिका को भी भारी नुकसान हो सकता है।
कूटनीतिक प्रयास जारी
हालांकि, युद्ध के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के माध्यम से ईरान से अप्रत्यक्ष बातचीत हो रही है और 6 अप्रैल तक समझौते का समय दिया गया है। यदि समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला कर सकता है।
तेल की कीमतों में वृद्धि
पश्चिम एशिया संकट का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो पिछले एक महीने में 50% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि खर्ग द्वीप प्रभावित होता है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
संघर्ष का विस्तार
ईरान और इस्राइल के बीच शुरू हुआ यह युद्ध अब कई देशों को अपनी चपेट में ले रहा है। हाल ही में सऊदी अरब स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर हमला हुआ, जिसमें अमेरिकी सैनिक घायल हुए। यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इस्राइल की ओर मिसाइल दागी है।