अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता सैन्य तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव
होर्मुज जलडमरूमध्य में वैश्विक व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति गंभीर हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को अमेरिकी बलों ने ईरान द्वारा दागे गए कई घातक ड्रोन को नष्ट करने के बाद तेहरान के एक प्रमुख सैन्य अड्डे पर रक्षात्मक कार्रवाई की। यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के तुरंत बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान अब कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर 'आखिरी सांसें गिन रहा है।'
अमेरिकी बलों ने ईरान की ओर से दागे गए ड्रोन को नष्ट करने के बाद फिर से तेहरान के एक सैन्य अड्डे पर कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका की सेंट्रल कमान के बलों ने बिना उकसावे के दागे गए चार ड्रोन को नष्ट किया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए खतरा बन रहे थे।
अमेरिकी बलों ने बंदर अब्बास में ईरान के उस अड्डे पर भी हमला किया, जहां से एक और ड्रोन दागने की तैयारी की जा रही थी। यह हमला ट्रंप के उस बयान के बाद हुआ जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान 'आखिरी सांसें गिन रहा है।'
कैबिनेट बैठक में ट्रंप ने कहा कि 'हम समझौते के करीब हैं।' उन्होंने पिछले सप्ताहांत में भी कहा था कि उनका प्रशासन और ईरान 'काफी हद तक' किसी समाधान पर पहुंच चुके हैं। हालांकि, बातचीत अब भी अधर में है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बावजूद वह जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करेंगे।
ट्रंप ने कहा, 'उन्हें लगा था कि वे मुझे थका देंगे। सोचा होगा-‘हम उसे रोक लेंगे, उसके सामने मध्यावधि चुनाव हैं। मुझे चुनाव की कोई परवाह नहीं।' उन्होंने माना कि अभी काम बाकी है, लेकिन कहा कि दोनों पक्ष वहां पहुंच जाएंगे।
बातचीत सोमवार को और जटिल हो गई, जब अमेरिकी बलों ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों और बारूदी सुरंगें बिछाने वाली नौकाओं पर हमले किए। अमेरिका का कहना है कि वह इस संघर्ष में 'संयम' के साथ कदम उठा रहा है, जबकि ईरान ने इसे 'बुरी नीयत और अविश्वसनीयता' का प्रमाण बताया।
इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध ईरान की उस नवगठित संस्था पर हैं जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रही है।
वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा, 'वैश्विक समुद्री व्यापार को बाधित करने की ईरानी सेना का यह ताजा प्रयास इस बात का सबूत है कि 'इकोनॉमिक फ्यूरी' अभियान ने इस शासन को नकदी के लिए बुरी तरह मजबूर कर दिया है।' ये प्रतिबंध ईरान के 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' और उसके सहयोगियों को निशाना बनाते हैं।
ईरान के अर्धसैनिक बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने इस निगरानी व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से सुरक्षित आवाजाही का एकमात्र रास्ता वही गलियारा है, जिसे उसने निर्धारित किया है।