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अमित शाह ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता नीति की घोषणा की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा पार घुसपैठ के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता नीति की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सरकार इस वर्ष एक स्मार्ट बॉर्डर परियोजना शुरू करेगी, जिसका उद्देश्य भारत की सीमाओं को सुरक्षित करना और अवैध प्रवासियों को निर्वासित करना है। शाह ने बीएसएफ को आधुनिक तकनीक से लैस करने की योजना का भी उल्लेख किया और राज्य सरकारों के साथ समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
 

केंद्रीय गृह मंत्री की नई पहल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा पार घुसपैठ के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता नीति की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सरकार इस वर्ष एक व्यापक स्मार्ट बॉर्डर परियोजना शुरू करेगी, जिसका उद्देश्य भारत की सीमाओं को सुरक्षित करना और सभी अवैध प्रवासियों को निर्वासित करना है। यह घोषणा दिल्ली के विज्ञान भवन में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शपथ ग्रहण समारोह में की गई। शाह ने कहा कि अवैध प्रवासन एक सुनियोजित साजिश है, जिसका उद्देश्य जनसांख्यिकीय परिवर्तन लाना है।


सुरक्षा के लिए नई तकनीक

शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें निर्वासित करने का इरादा रखती है। इसके लिए गृह मंत्रालय भारत की 6,000 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर अभेद्य सुरक्षा घेरा स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष के भीतर, स्मार्ट बॉर्डर अवधारणा के तहत बीएसएफ को ड्रोन रडार और उन्नत कैमरों जैसी आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा।


बीएसएफ और राज्य सरकारों का समन्वय

गृह मंत्री ने बीएसएफ से आग्रह किया कि वह राज्य पुलिस, जिला कलेक्टरों और ग्राम पटवारियों के साथ समन्वय स्थापित करे ताकि घुसपैठ और पशु तस्करी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा की सरकारों के साथ नीतिगत तालमेल से सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिलेगी। गृह मंत्रालय जल्द ही इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेगा।


वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ प्रयास

शाह ने वामपंथी उग्रवाद के उन्मूलन के प्रयासों की तुलना करते हुए कहा कि किसी समस्या को नियंत्रित करना सुरक्षा नहीं है; उसे जड़ से उखाड़ना ही सही तरीका है। बीएसएफ को घुसपैठ के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने बीएसएफ के समर्पण की सराहना की और कहा कि इस बल ने देश को सुरक्षा का आश्वासन दिया है।


बीएसएफ की उपलब्धियाँ

शाह ने कहा कि यह गर्व की बात है कि 1965 में 25 बटालियनों से शुरू हुआ यह बल आज 270,000 कर्मियों से युक्त है, जो इसे विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बनाता है। बीएसएफ ने देश की दो सबसे कठिन सीमाओं का प्रबंधन किया है और कभी पीछे नहीं हटी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की संरचना बीएसएफ के अदम्य साहस और बलिदानों पर टिकी है।