अमित शाह का स्पष्ट संदेश: भारत में अवैध घुसपैठियों के लिए कोई स्थान नहीं
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोल्हापुर में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भारत में अवैध रूप से रहने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वेच्छा से लौटेंगे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन जो कानून का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह बयान उस समय आया है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव बढ़ रहा है। शाह ने विपक्ष पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने वोट बैंक की राजनीति के लिए अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दिया।
Jun 20, 2026, 18:11 IST
केंद्रीय गृहमंत्री का कड़ा बयान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोल्हापुर में आयोजित जनसभा में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में अवैध रूप से रहने वाले सभी घुसपैठियों की पहचान की जाएगी और उन्हें बाहर निकाला जाएगा। शाह ने चेतावनी दी कि जो लोग स्वेच्छा से अपने देश लौटेंगे, उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन जो कानून का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह बयान उस समय आया है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव बढ़ता जा रहा है और घुसपैठ का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।
विपक्ष पर हमला
अमित शाह ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के चलते अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दिया गया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की जनसंख्या संरचना में तेजी से बदलाव आया। शाह ने कहा कि यह केवल अवैध प्रवास का मामला नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और राष्ट्रीय पहचान पर सीधा हमला है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और हर घुसपैठिये की पहचान के लिए व्यापक अभियान चला रही है।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर विवाद
भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड ने आरोप लगाया है कि भारतीय सीमा सुरक्षा बल ने मेहरपुर क्षेत्र में चार लोगों को बांग्लादेश में धकेलने का प्रयास किया। बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुसार, उनकी चौकसी के कारण यह प्रयास विफल हो गया और एक पुरुष तथा तीन महिलाएं अब दोनों देशों के बीच नो मैन्स लैंड में फंसी हुई हैं। बांग्लादेश का कहना है कि उनके जवान और स्थानीय ग्रामीण लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी अवैध प्रवेश को रोका जा सके।
भारत की स्थिति
हालांकि, भारत ने यह स्पष्ट किया है कि उसने बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा है और उनकी नागरिकता की पुष्टि के लिए बांग्लादेश से सहयोग मांगा गया है। लेकिन ढाका की ओर से देरी के कारण इन लोगों की वापसी अटकी हुई है। यही कारण है कि सीमा पर तनाव बढ़ता जा रहा है और दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई गहरी होती जा रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं
भारत अब उस स्थिति में है जहां राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध घुसपैठियों को यह समझ लेना चाहिए कि भारत की धरती पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा जमाने का समय समाप्त हो चुका है। देश की सीमाओं को चुनौती देने वालों के लिए अब कानून का डंडा तैयार है। यह नया भारत है, जो घुसपैठ, जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने की साजिश और सीमा पार से होने वाली हर हरकत का जवाब पूरी सख्ती और निर्णायक कार्रवाई से देगा।