अमरनाथ यात्रा 2026: भक्तों के लिए शुरू हुई यात्रा, जानें रूट और सुविधाएं
अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ
बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए खुशखबरी है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के यात्री निवास बेस कैंप से 2026 की श्री अमरनाथजी यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर भक्तिमय माहौल में 'बम बम भोले' और 'हर हर महादेव' के जयकारे गूंज उठे। यह धार्मिक यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने कड़े इंतजाम किए हैं ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उपराज्यपाल ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा को सुखद और सुरक्षित बनाने की कामना की।
यात्रा के रूट
यह यात्रा 3 जुलाई की सुबह पहलगाम और बालटाल बेस कैंप से आरंभ होगी और 28 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षाकर्मी हर कदम पर सतर्क हैं। श्रद्धालु यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्ट हैं।
पहला पारंपरिक रूट पहलगाम है, जो तीर्थयात्रियों को जम्मू, पहलगाम, चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए अमरनाथ गुफा तक ले जाता है। यह रूट 32 किलोमीटर लंबा है। इसका बेस कैंप अनंतनाग जिले के नुनवान में है, जो श्रीनगर से लगभग 90 किलोमीटर दूर है।
दूसरा रूट बालटाल है, जो जम्मू, बालटाल, डोमेल और बरारी होते हुए अमरनाथ गुफा तक जाता है। यह रूट 14 किलोमीटर लंबा है, लेकिन इसकी खड़ी चढ़ाई इसे कठिन बनाती है। इसका बेस कैंप गांदरबल जिले के बालटाल में है, जो श्रीनगर से लगभग 95 किलोमीटर दूर है।
यात्रियों के लिए सुविधाएं
रहने की सुविधा: यात्रा के रास्ते में नुनवान, बालटाल, शेषनाग और पंचतरणी पर किराए के टेंट उपलब्ध हैं।
लंगर की सुविधा: कई सामाजिक संगठन और NGO यात्रियों के लिए मुफ्त भोजन, पानी और हल्का नाश्ता उपलब्ध कराते हैं।
मेडिकल सुविधाएं: स्वास्थ्य विभाग, सेना और कई NGO मिलकर यात्रा के रास्ते में मेडिकल सहायता, आपातकालीन सेवाएं और एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं।
क्लॉक रूम: यात्रियों का सामान सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न कैंपों और पवित्र गुफा के पास क्लॉक रूम उपलब्ध हैं।
पार्किंग: बालटाल में वाहनों के लिए किराए पर पार्किंग की सुविधा है।
मोबाइल नेटवर्क: यात्रा क्षेत्र में BSNL, Jio और Airtel की सेवाएं उपलब्ध हैं।
टट्टू और पालकी: जिन यात्रियों को चलने में कठिनाई होती है, वे टट्टू या पालकी किराए पर ले सकते हैं।
हेलीकॉप्टर सेवा: 2026 की यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
ऑनलाइन: श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। एक मोबाइल नंबर से चार यात्रियों का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन 3 जुलाई से 12 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा।
ऑफलाइन: श्रद्धालु जम्मू में रजिस्ट्रेशन सेंटर्स से टोकन खरीदकर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
ट्रैफ़िक एडवाइज़री
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अमरनाथ यात्रा के लिए ट्रैफ़िक एडवाइज़री जारी की है। तीर्थयात्रियों से ट्रैफ़िक नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
यात्रा के दौरान नवयुग टनल पर कुछ समय के लिए सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।