अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद टीएमसी की कार्रवाई, अदालत में जाएंगे सांसद
अभिषेक बनर्जी का हमला और टीएमसी की प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में अपने ऊपर हुए हमले की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, वे इस मामले में न्यायालय का भी रुख करेंगे। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, यह जानकारी सोमवार को साझा की गई। शनिवार को सोनारपुर में चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान अभिषेक बनर्जी पर ईंटों, पत्थरों और अंडों से हमला किया गया। इस हमले में उन्हें आंख में चोट आई है, और उन्होंने आरोप लगाया है कि यह भाजपा द्वारा प्रायोजित था, जिसका उद्देश्य उनकी जान लेना था। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने उन्हें उचित सुरक्षा नहीं दी।
राजनीतिक विरोधियों पर हमले का आरोप
बनर्जी ने आगे कहा कि सत्ताधारी पार्टी अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई उनका समर्थन करता है, तो उसे देशभक्त माना जाता है, लेकिन यदि कोई उन पर सवाल उठाता है, तो वह निशाना बन जाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके खिलाफ खड़े होते हैं, उन्हें चुप कराने की कोशिश की जाती है।
गिरफ्तारी और भाजपा की प्रतिक्रिया
इस घटना के संबंध में आकाश गायेन, काजल दास, देबाशीष दत्ता, निर्मल्या सेनगुप्ता और तपन मैती सहित पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें सोमवार को बरुईपुर अदालत में पेश किया गया। भाजपा ने इस हमले की निंदा की है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यह टीएमसी के खिलाफ जनता के गुस्से को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि यह घटना नहीं होनी चाहिए थी और इसका कारण सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ बढ़ता असंतोष है।
घोष की टिप्पणी
घोष ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी के साथ जो हुआ, वह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, लेकिन जनता पिछले 15 वर्षों से जो सहन कर रही है, उसका परिणाम कहीं न कहीं तो निकलना था। यह घटना पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार बनने के बाद चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के बीच आई है, जिसमें टीएमसी की सीटें घटकर 80 रह गई हैं।