×

अनीता कंवल ने बेटी पूजा के लिए अपने करियर को दांव पर लगाया

अनीता कंवल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी बेटी पूजा कंवल के करियर के संघर्षों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने करियर को दांव पर लगाकर पूजा के सपनों को साकार करने में मदद की। अनीता ने कास्टिंग काउच के अनुभवों का भी जिक्र किया और बताया कि कैसे उन्होंने अपनी बेटी को इस बुरे पहलू से बचाया। जानें उनके संघर्ष और अनुभव के बारे में।
 

अनीता कंवल का इंटरव्यू चर्चा में

छोटे पर्दे की मशहूर अभिनेत्री अनीता कंवल हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के बारे में खुलकर बात कर रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी पूजा कंवल के करियर के दौरान सामने आए दर्दनाक अनुभवों का जिक्र किया, जो उसने मनोरंजन उद्योग में अपने कदम रखने के दौरान झेले।


पूजा कंवल का फिल्मी करियर

पूजा कंवल ने 2004 में राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म 'उफ्फ क्या जादू मोहब्बत है' से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 'जवानी जिंदाबाद' और 'ब्लू ऑरेंजेस' जैसी फिल्मों में भी काम किया। हालांकि, उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली और अंततः उन्होंने अभिनय छोड़कर इवेंट्स की होस्टिंग और एंकरिंग में कदम रखा।


अनीता का संघर्ष

अनीता ने सिद्धार्थ कन्नन के पॉडकास्ट में कहा, "मैंने पूजा के लिए खुद से ज्यादा संघर्ष किया।" उन्होंने बताया कि पूजा एक प्रतिभाशाली डांसर और अभिनेत्री थी, और उन्होंने उसके सपनों के लिए लड़ाई लड़ी। अनीता ने यह भी कहा कि वह खुश हैं कि पूजा ने उनके नक्शेकदम पर नहीं चला।


कास्टिंग काउच का सामना

अनीता ने खुलासा किया कि उन्हें अपनी बेटी को मनोरंजन उद्योग के बुरे पहलुओं से बचाना पड़ा। उन्होंने कहा, "जब पूजा साउथ में काम कर रही थी, तो कुछ लोग उसे गलत प्रस्ताव देते थे।" उन्होंने उन लोगों को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने दोबारा ऐसा किया, तो वह उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगी।


उम्मीदें और वास्तविकता

अनीता ने बताया कि परिवार को उम्मीद थी कि पूजा टेलीविजन में सफल होगी, लेकिन राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म मिलने के बाद उनकी उम्मीदें बढ़ गईं। हालांकि, जब उन्हें अपेक्षित अवसर नहीं मिले, तो यह बहुत निराशाजनक था।


मां का त्याग

अनीता ने कहा, "मैंने लगभग ढाई साल तक काम नहीं किया।" उन्होंने अपनी बेटी के साथ हर शूटिंग पर जाने का निर्णय लिया, क्योंकि वह केवल 17 साल की थी। अनीता ने अपने करियर को पीछे छोड़कर अपनी बेटी का साथ देने का फैसला किया।