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अडानी ग्रुप का नया निवेश रणनीति: ऊर्जा और एआई में बढ़ती रुचि

गौतम अडानी ने हाल ही में अडानी ग्रुप की नई निवेश रणनीति का खुलासा किया है, जिसमें अमेरिका में कानूनी चुनौतियों को पार करने के बाद ऊर्जा, परिवहन, और डिजिटल अवसंरचना में तेजी से निवेश करने की योजना है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व पर जोर दिया और बताया कि समूह ने रिन्यूएबल एनर्जी में भी बड़ा निवेश किया है। अडानी एंटरप्राइजेज के राइट्स इश्यू को निवेशकों के विश्वास का प्रतीक मानते हुए, उन्होंने भविष्य की विकास रणनीति पर भी प्रकाश डाला।
 

अडानी ग्रुप की नई दिशा

गौतम अडानी, अडानी ग्रुप के चेयरमैन, ने हाल ही में कहा कि उनका समूह अमेरिका में चल रही कानूनी चुनौतियों को पार कर चुका है। अब, वे ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल अवसंरचना में निवेश को तेज करने की योजना बना रहे हैं। अडानी का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से उत्पन्न होने वाली मांग उनके समूह के लिए नए अवसर लाएगी। उन्होंने अपने सालाना पत्र में उल्लेख किया कि पिछले वर्ष की कठिनाइयों के बावजूद, समूह ने अपने विस्तार की योजना पर ध्यान केंद्रित रखा है।


निवेशकों का विश्वास

अडानी ने अडानी एंटरप्राइजेज के 24,930 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू को निवेशकों के विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता ऐसे समय में मिली जब समूह को कॉरपोरेट प्रशासन और नियामकीय मुद्दों का सामना करना पड़ा। अडानी ग्रुप ने ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, यूटिलिटी और औद्योगिक विनिर्माण में अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।


भविष्य की निवेश रणनीति

अडानी ने अमेरिका में रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि अब इन कानूनी बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि समूह का ध्यान दो प्रमुख विकास कारकों—इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटेलिजेंस—पर केंद्रित है। उनका मानना है कि एआई के व्यापक उपयोग के लिए ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन नेटवर्क, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स में भारी निवेश की आवश्यकता होगी।


रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा निवेश

अडानी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 में 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया है, जो उनके सबसे बड़े वार्षिक पूंजीगत व्यय कार्यक्रमों में से एक है। इस निवेश का उपयोग रिन्यूएबल एनर्जी, बिजली ट्रांसमिशन, पोर्ट, एयरपोर्ट, डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में किया गया है। अडानी ग्रीन एनर्जी ने 5.1 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी है, जिससे उनकी कुल परिचालन क्षमता 19 गीगावाट से अधिक हो गई है।


विशाखापत्तनम में नई परियोजनाएं

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में, अडानी ग्रुप ने 2030 तक दो गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म के निर्माण की योजना बनाई है। इसके साथ ही, गूगल के साथ विशाखापत्तनम में एक बड़ी डेटा सेंटर परियोजना के लिए समझौता किया गया है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन ने 50 करोड़ टन से अधिक कार्गो को संभाला है।