अखिलेश यादव ने भाजपा पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर साधा निशाना
सपा अध्यक्ष का भाजपा पर हमला
नई दिल्ली, 28 जुलाई: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस कदम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बचा लिया गया है। सपा नेता ने लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जो लोग राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी रोकने में असफल रहे, वे पेपर लीक को कैसे रोक सकते हैं। यादव ने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा, "सरकार को झुकाने के लिए केवल झुकाने वाला चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "जब पूर्व शिक्षा मंत्री (प्रधान) लोकसभा में लौटे, तो उनका स्वागत किया गया। इससे हमें कोई शिकायत नहीं है। भाजपा ने एक प्रधान को हटाकर प्रधानमंत्री को बचा लिया।"
सपा नेता ने नई पीढ़ी को बधाई दी कि उन्होंने भाजपा को झुकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि जब सरकार घबराती है, तब वह मांगों को स्वीकार कर लेती है। यादव ने यह भी बताया कि यह पहला आंदोलन था जिसमें बच्चों के साथ उनके माता-पिता भी शामिल हुए।
यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले का जिक्र करते हुए भाजपा पर तंज कसा, "जो लोग चढ़ावे की चोरी नहीं रोक सके, वे पेपर लीक को कैसे रोकेंगे?" उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य में पेपर लीक की कई घटनाओं का उल्लेख किया और कहा कि जहां से प्रधानमंत्री मोदी चुनकर आते हैं, वहां ऐसी स्थिति है।
उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में कर्मचारियों को आउटसोर्स पर रखने का जिक्र करते हुए कहा, "डर है कि कहीं पूरी सरकार को आउटसोर्स न कर दिया जाए।" यादव ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा और शैक्षणिक संस्थानों को एक रंग में रंगने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 26,386 प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं, जिससे पिछड़े, दलित और गरीब बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। यादव ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों को ध्वस्त करने के प्रशासनिक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित किया गया था और इसे तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सपा सांसद ने सवाल उठाया कि भाजपा की नफरत की राजनीति देश को कहां ले जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की मांगों को सुना जाना चाहिए।