×

अखिलेश यादव ने नोएडा में श्रमिकों के विरोध पर भाजपा सरकार की आलोचना की

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने हाल ही में नोएडा में श्रमिकों द्वारा किए गए हिंसक विरोध प्रदर्शन पर भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अन्याय की स्थिति चरम पर पहुंच गई है, जिसमें आर्थिक अन्याय और बढ़ती बेरोजगारी शामिल हैं। यादव ने प्रशासन और राज्य सरकार को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और श्रमिकों के वेतन में असमानता पर चिंता जताई। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
 

अखिलेश यादव का बयान

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 13 अप्रैल को नोएडा फेज 2 में कर्मचारियों द्वारा किए गए हिंसक विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अन्याय की स्थिति अत्यधिक गंभीर हो गई है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए यादव ने बताया कि भाजपा के शासन में विभिन्न प्रकार के अन्याय हो रहे हैं, जिसमें आर्थिक अन्याय, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा में मजदूर अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे।


प्रशासन की जिम्मेदारी

यादव ने इन घटनाओं के लिए प्रशासन और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी पूरी जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने वेतन असमानता पर चिंता व्यक्त करते हुए पूछा कि जब अन्य राज्यों में श्रमिकों के वेतन में वृद्धि की गई, तो उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसा क्यों नहीं किया? यह घटना नोएडा के फेज 2 में होजरी कॉम्प्लेक्स के श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन से संबंधित है, जो हिंसक हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और पुलिस पर पत्थर फेंके। रिपोर्ट्स के अनुसार, अशांति के दौरान एक कार में आग भी लगा दी गई।


स्थिति नियंत्रण में

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों ने भारी पुलिस बल तैनात किया। 12 अप्रैल को, नोएडा की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने श्रमिकों के अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए प्रधान सचिव (श्रम) और उत्तर प्रदेश के श्रम आयुक्त के साथ बैठक की। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए नोएडा प्राधिकरण में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रम के प्रधान सचिव और श्रम आयुक्त ने आभासी रूप से भाग लिया। इस बैठक में श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम के लिए दोहरा भुगतान, बोनस, साप्ताहिक अवकाश और कार्यस्थल सुरक्षा जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।