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अखिलेश यादव का बीजेपी पर महंगाई को लेकर हमला

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी पर महंगाई के मुद्दे को लेकर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद पेट्रोल और गैस की कीमतों में वृद्धि से सभी चीजें महंगी हो जाएंगी। इसके अलावा, उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और बंगाल में ममता बनर्जी के समर्थन में अपनी बात रखी। अखिलेश ने शिक्षा व्यवस्था और पलायन के मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की।
 

महंगाई पर तीखा हमला

समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला किया है। रविवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने बीजेपी को झूठा बताते हुए कहा कि यह पार्टी झूठ की एक श्रृंखला बनाती है।



अखिलेश ने कहा कि चुनाव के बाद पेट्रोल और गैस की कीमतों में वृद्धि से सभी चीजें महंगी हो जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि हवाई यात्रा की लागत बढ़ रही है और कई रूटों पर एयरलाइंस सेवाएं बंद होने की संभावना है।


उन्होंने कहा कि जब ट्रांसपोर्ट महंगा होगा, तो हर चीज की कीमतें भी बढ़ेंगी। बीजेपी ने महंगाई को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है, जिससे महंगाई में इजाफा हो रहा है।


चुनाव आयोग पर सवाल

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और इसे सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। लेकिन उत्तर प्रदेश में चुनाव के दौरान अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर उन्होंने चिंता जताई।


उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर एक योजना बनाई थी, जो बंगाल में भी लागू की गई।


बंगाल में दीदी का समर्थन

अखिलेश ने बंगाल में ममता बनर्जी के समर्थन में कहा कि वह अकेली हैं, लेकिन वह लड़ेंगी और जीतेंगी। उन्होंने कहा कि यह जनता का चुनाव है और ममता दीदी का समर्थन जारी रहेगा।


EVM पर सवाल

उन्होंने यह भी कहा कि अगर स्मार्ट मीटर में धोखाधड़ी हो सकती है, तो EVM में क्यों नहीं? उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह लोगों को डराने की कोशिश कर रही है।


शिक्षा व्यवस्था पर चिंता

अखिलेश यादव ने पलायन के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि लोगों के पास रोजगार की कमी है, जिससे वे पलायन करने को मजबूर हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि प्राइवेट कॉलेजों की फीस इतनी बढ़ गई है कि गरीब बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।


उन्होंने कन्या विद्या धन योजना का उल्लेख किया, जो गरीब परिवारों की बेटियों को शिक्षा में मदद करने के लिए शुरू की गई थी।