अखिलेश यादव का बड़ा ऑफर: 100 विधायक लाओ और बनो मुख्यमंत्री
अखिलेश यादव का ऑफर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विदेश दौरे के दौरान, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा के नेताओं को एक अनोखा प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा है कि जो भी 100 विधायक लेकर आएगा, वही मुख्यमंत्री बन सकता है। यह बयान पहले भी अखिलेश द्वारा दो बार दिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री का दौरा और अखिलेश का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चार दिन के सिंगापुर और जापान दौरे पर हैं, जिसका उद्देश्य निवेशकों को आकर्षित करना है। इस बीच, अखिलेश यादव ने भाजपा विधायकों को लुभाने के लिए एक बड़ा दाव खेला है।
समाचार पत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब मुख्यमंत्री विदेश में हैं, तब हम अपना प्रस्ताव फिर से दोहरा रहे हैं। 100 विधायक लाइए और मुख्यमंत्री बन जाइए। जो लाएगा, वही पाएगा।
यह ऑफर किसके लिए है?
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि यह प्रस्ताव उन सभी भाजपा नेताओं के लिए है, जो सरकार से असंतुष्ट हैं, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश ने यह बात हल्के-फुल्के अंदाज में कही है।
क्या यह पहली बार है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान केवल मजाक नहीं है, बल्कि भाजपा के भीतर संभावित मतभेदों पर सीधा हमला है। यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव ने ऐसा प्रस्ताव दिया है।
दिसंबर 2022 में, उन्होंने उपमुख्यमंत्रियों को चुनौती देते हुए कहा था, "100 विधायक लेकर आइए, हमारे 100 विधायक तैयार हैं। सरकार बनाइए और मुख्यमंत्री बन जाइए।"
18 जुलाई 2024 को, उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा था, "Monsoon offer: Sau lao, Sarkar banao." अब 2026 में यह प्रस्ताव फिर से दिया गया है, जब योगी आदित्यनाथ विदेश में हैं।
क्या 100 विधायकों से सरकार गिर सकती है?
उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। वर्तमान में स्थिति इस प्रकार है:
समाजवादी पार्टी: 111 सीटें
भारतीय जनता पार्टी: 258 और NDA 294
बहुमत का आंकड़ा 202 सीटों का है। समाजवादी पार्टी का दावा है कि यदि भाजपा से 100 विधायक टूटकर आते हैं, तो वे बहुमत पार कर सरकार बना सकते हैं। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "2022 में हमारे पास 111 सीटें थीं। अगर 100 और जुड़ जाएं तो सरकार बन सकती है, यही इस ऑफर का गणित है।"
लोकसभा चुनाव के बाद की स्थिति
यह बयान ऐसे समय आया है जब लोकसभा चुनाव में भाजपा को उत्तर प्रदेश में बड़ा झटका लगा है और समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके बाद से यूपी भाजपा में अंदरूनी मतभेदों की अटकलें लगाई जा रही हैं। अखिलेश यादव का बयान इस बात का संकेत है कि भाजपा में सत्ता को लेकर खींचतान है, और डिप्टी सीएम असंतुष्ट हैं।