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अंतर्राष्ट्रीय मानवता कानून का उल्लंघन: रक्षा सचिव की विवादास्पद टिप्पणी

रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की हालिया टिप्पणी ने कानूनी विशेषज्ञों में चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि दुश्मनों के लिए कोई दया नहीं होगी, जो अंतर्राष्ट्रीय मानवता कानून का उल्लंघन है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक युद्ध अपराध है और इससे अमेरिकी सेना की स्थिति कमजोर हो सकती है। जानें इस विवाद के पीछे के कानूनी पहलू और विशेषज्ञों की राय।
 

रक्षा सचिव की विवादास्पद टिप्पणी

जब रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा "हमारे दुश्मनों के लिए कोई दया नहीं", तो कानूनी विशेषज्ञों में चिंता फैल गई। उनका मानना है कि यह अंतर्राष्ट्रीय मानवता कानून के तहत एक स्पष्ट सीमा को पार करता है, चाहे इसका इरादा कुछ भी हो। इस बयान ने युद्ध कानून के अध्ययन करने वाले विद्वानों से तुरंत प्रतिक्रिया को जन्म दिया, जिन्होंने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि हेगसेथ का बयान केवल आक्रामक भाषा नहीं है, बल्कि यह स्थापित कानून के तहत एक युद्ध अपराध है।


क्यों महत्वपूर्ण हैं ये शब्द

"कोई दया नहीं" का एक सटीक कानूनी अर्थ है। इसका मतलब है कि कोई कैदी नहीं लिया जाएगा, घायल या आत्मसमर्पण करने वाले योद्धाओं को मार दिया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय मानवता कानून, जिसमें हेग और जिनेवा कन्वेंशन शामिल हैं, स्पष्ट रूप से यह निषेध करता है कि कोई दया नहीं दी जाएगी। इसे युद्ध अपराध माना जाता है, न कि नीति विकल्प। अमेरिका ने ऐसे आदेशों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो सिविल युद्ध के लिबर कोड से शुरू होता है। पेंटागन के युद्ध कानून के मैनुअल में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसे आदेश देना युद्ध अपराध है।


कानूनी विशेषज्ञों की राय

न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के कानून के प्रोफेसर रयान गुडमैन ने कहा कि हेगसेथ अमेरिकी सेना को कानून के बिना चलने की दिशा में ले जा रहे हैं, जिससे हम और अधिक सहयोगियों को खो देंगे। उन्होंने कहा कि हेगसेथ को अपने बयान को वापस लेना चाहिए। गुडमैन ने ऐतिहासिक संदर्भ भी दिया, यह बताते हुए कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने जर्मनी के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को युद्ध अपराध के लिए दंडित किया था।


सीनेटर का चेतावनी

एरिज़ोना के डेमोक्रेट सीनेटर मार्क केली ने इस बयान पर सीधे तौर पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि "कोई दया नहीं" केवल एक कठोर बयान नहीं है, बल्कि इसका एक गंभीर कानूनी अर्थ है। ऐसा आदेश देना कि कोई दया नहीं दी जाएगी, यह युद्ध कानून का उल्लंघन है। यह अमेरिकी सैनिकों को भी अधिक जोखिम में डालता है।


बढ़ती हुई बयानबाजी

हेगसेथ का बयान अकेला नहीं है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान पर हमलों की धमकी दी है और कहा है कि यदि वे आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो उन्हें "निश्चित मृत्यु" का सामना करना पड़ेगा। कुछ डेमोक्रेटिक सांसदों ने सेवा सदस्यों को याद दिलाया है कि उन्हें स्पष्ट रूप से अवैध आदेशों को अस्वीकार करना चाहिए। यह बढ़ती हुई बयानबाजी कानूनी विशेषज्ञों के बीच चिंता का विषय है। अब यह देखना है कि क्या हेगसेथ अपने बयान को वापस लेंगे या इसे दोहराएंगे।