अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस 2026: नर्सों का योगदान और इस साल का थीम
अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस का महत्व
दुनिया भर में डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर नर्सें न होतीं तो स्वास्थ्य प्रणाली कैसी होती? डॉक्टर आपके लिए केवल कुछ मिनटों का समय निकालते हैं, जबकि नर्सें घंटों तक आपकी देखभाल करती हैं। एक बेल बजते ही वे तुरंत आपके पास पहुंच जाती हैं और आपके सवालों का जवाब देने में भी तत्पर रहती हैं।
नर्सों की भूमिका
नर्सें दवाइयों का समय पर वितरण, ड्रिप बदलने, चेकअप करने और डिस्चार्ज के समय मरीजों की खुशी में शामिल होती हैं। इसलिए, उनके योगदान को मान्यता देने के लिए हर साल 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है।
इस साल का नर्स डे का थीम
इस दिन का उद्देश्य नर्सों के योगदान और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना है। इस वर्ष का थीम है हमारी नर्सें, हमारा भविष्य, सशक्त नर्सें, स्वस्थ जीवन। इस अवसर पर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें नर्सों के अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका पर चर्चा की जाती है।
नर्स डे का इतिहास
अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन पर मनाया जाता है, जिन्हें नर्सिंग का जनक माना जाता है। उनका जन्म 12 मई 1820 को इटली में हुआ था। उन्होंने मरीजों की देखभाल में कई सुधार किए और युद्ध के समय घायल सैनिकों की सेवा की। 1965 में International Council of Nurses ने इस दिन को पहली बार मनाया।
नेताओं की शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नर्सों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी नर्सों की सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नर्सिंग को सेवा और करुणा का प्रतीक बताया और सभी नर्सों को शुभकामनाएं दीं।