Zepto के IPO को मिली SEBI की मंजूरी, लेकिन अनलिस्टेड शेयरों में गिरावट
Zepto का IPO और अनलिस्टेड शेयरों की स्थिति
भारत के तेजी से उभरते क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto को हाल ही में अपने आईपीओ के लिए सेबी से मंजूरी प्राप्त हुई है। आमतौर पर ऐसी खबरें निवेशकों में उत्साह जगाती हैं, लेकिन इसके विपरीत, कंपनी के अनलिस्टेड शेयरों में पिछले एक महीने में लगभग 30% की गिरावट आई है। यह गिरावट निवेशकों की सतर्कता और मौजूदा बाजार की स्थिति को दर्शाती है.
अनलिस्टेड शेयरों में गिरावट का कारण
प्री-आईपीओ मार्केट में Zepto के शेयर एक महीने पहले लगभग 52 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, जो अब घटकर लगभग 40 रुपये हो गए हैं। बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट किसी विशेष नकारात्मक खबर के कारण नहीं है, बल्कि अनलिस्टेड शेयर बाजार में आई व्यापक कमजोरी का परिणाम है। वर्तमान में, Zepto का वैल्यूएशन लगभग 38,000 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप्स के ऊंचे वैल्यूएशन के बाद, निवेशक अब अधिक सतर्क हो गए हैं और कंपनियों के मूल्यांकन का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं.
बाजार की स्थिति और प्रभाव
इस वर्ष भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बेंचमार्क निफ्टी दबाव में है, और विदेशी संस्थागत निवेशक भी भारतीय बाजारों के प्रति सतर्क नजर आ रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इस कारण कई कंपनियों ने अपने आईपीओ लॉन्च की योजनाओं को स्थगित कर दिया है या वेट एंड वॉच रणनीति अपनाई है, जिसका असर प्री-आईपीओ और अनलिस्टेड शेयर बाजार पर भी देखा जा रहा है.
Zepto का आईपीओ योजना
Zepto अपने आईपीओ के माध्यम से लगभग 1.3 बिलियन डॉलर, यानी लगभग 11,000 से 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। यह इश्यू स्विगी की लिस्टिंग के बाद का सबसे बड़ा इंटरनेट आईपीओ हो सकता है। प्रस्तावित आईपीओ में नए शेयरों का इश्यू और मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बिक्री (OFS) दोनों शामिल होने की संभावना है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो Zepto चार साल के भीतर शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाला भारत का सबसे युवा वेंचर-समर्थित स्टार्टअप बन सकता है.
प्रतिस्पर्धा की चुनौतियाँ
क्विक कॉमर्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। Zepto का मुकाबला Blinkit, Swiggy Instamart, Flipkart Minutes और Amazon Now जैसे बड़े खिलाड़ियों से है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियां भारी छूट और प्रमोशनल ऑफर दे रही हैं, जिससे खर्च भी तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनलिस्टेड शेयरों में आई हालिया गिरावट अल्पकालिक निवेशक सतर्कता को दर्शाती है। हालांकि, आईपीओ लॉन्च के समय कंपनी का अंतिम वैल्यूएशन और बाजार की स्थिति यह तय करेगी कि निवेशकों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है. फिलहाल, Zepto का आईपीओ इस साल के सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में से एक माना जा रहा है.