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UIDAI ने आधार कार्ड के नियमों में किया बड़ा बदलाव, जानें नई आवश्यकताएँ

UIDAI ने आधार कार्ड के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसमें नए दस्तावेजों को मान्यता दी गई है और दस्तावेजों की जांच को सख्त किया गया है। अब ई-वोटर आईडी, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, और अन्य दस्तावेजों को आधार के लिए स्वीकार किया जाएगा। बच्चों के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। जानें इन बदलावों के बारे में विस्तार से।
 

आधार कार्ड के लिए नए नियमों की जानकारी

यदि आप नया आधार कार्ड बनवाने या पुराने आधार में संशोधन करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार नामांकन और अपडेट से संबंधित नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, कई नए दस्तावेजों को मान्यता दी गई है, जबकि दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया को और अधिक सख्त किया गया है। UIDAI ने आधार (नामांकन और अपडेट) प्रथम संशोधन विनियम, 2026 को लागू करते हुए आधार प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और सरल बनाने का प्रयास किया है.


नए मान्य दस्तावेजों की सूची

UIDAI ने आधार बनाने और अपडेट करने के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची को बढ़ा दिया है। अब ई-वोटर आईडी, ई-राशन कार्ड, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, विवाह प्रमाण पत्र, तलाक का आदेश, बैंक पासबुक, बीमा पॉलिसी, बिजली और पानी के बिल, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट जैसे दस्तावेज भी मान्य होंगे। इसके अलावा, NREGA जॉब कार्ड, शेल्टर होम सर्टिफिकेट और कैदी पहचान पत्र को भी शामिल किया गया है.


दस्तावेजों के लिए सख्त नियम

UIDAI ने स्पष्ट किया है कि कोई भी दस्तावेज तभी मान्य होगा जब वह वैध और अव्यवस्थित न हो। दस्तावेज उसी व्यक्ति के नाम पर होना चाहिए जो आधार के लिए आवेदन कर रहा है। पहचान पत्र (PoI) में नाम और फोटो होना अनिवार्य है। परिवार आधारित आवेदन में संबंध प्रमाण पत्र (PoR) में परिवार प्रमुख और आवेदक दोनों का नाम होना आवश्यक है.


बच्चों के लिए नए नियम

5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अब सबसे आवश्यक दस्तावेज माना जाएगा। इसके साथ ही माता-पिता या अभिभावक के दस्तावेज भी देना अनिवार्य होगा। 5 से 18 साल के बच्चों के लिए परिवार प्रमुख (HoF) आधारित नामांकन को बढ़ावा दिया गया है, हालांकि आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेज आधारित आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे.


विदेशी नागरिकों के लिए नई व्यवस्था

UIDAI ने विदेशी नागरिकों, OCI कार्डधारकों, नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए आधार की वैधता की समय सीमा निर्धारित की है। OCI कार्डधारकों और नेपाल-भूटान के नागरिकों का आधार 10 साल तक मान्य रहेगा, जबकि अन्य विदेशी नागरिकों के लिए आधार की वैधता उनके वीजा की अवधि तक ही होगी.


ट्रांसजेंडर और विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए राहत

नए नियमों में ट्रांसजेंडर पहचान पत्र और प्रमाण पत्र को भी आधार अपडेट के लिए मान्यता दी गई है। इसके अलावा, अनाथ बच्चों, दिव्यांग व्यक्तियों और कानूनी अभिभावक के तहत रहने वाले लोगों के लिए विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं। शेल्टर होम, बाल देखभाल संस्थान और HIV/AIDS प्रभावित लोगों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है.