TMC में आंतरिक कलह: 8 सीनियर नेताओं को पार्टी से निकाला गया
पार्टी में उठे विवादों के बीच अनुशासनात्मक कार्रवाई
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रही आंतरिक कलह के चलते, पार्टी ने मंगलवार को फिरहाद हकीम और अरूप बिस्वास सहित 8 वरिष्ठ नेताओं को पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया। सूत्रों के अनुसार, यह कदम नेतृत्व के संकट और गुटबाजी के बढ़ते मामलों के कारण उठाया गया है, क्योंकि कई नेता पार्टी के आधिकारिक रुख के खिलाफ कार्य कर रहे थे।
महत्वपूर्ण नेताओं का निष्कासन
फिरहाद हकीम और अरूप बिस्वास, दोनों ही पश्चिम बंगाल सरकार और TMC के ढांचे में महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाएं निभा चुके हैं। इन नेताओं का निष्कासन पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक अस्थिरता के बीच हुआ है, जिसमें असहमति के आरोप और नेतृत्व को लेकर विवाद शामिल हैं।
आंतरिक अनुशासन की बहाली का प्रयास
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य आंतरिक अनुशासन को बहाल करना और नेतृत्व की स्थिति को मजबूत करना है। यह हाल के वर्षों में पार्टी नेतृत्व के सामने आई सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक मानी जा रही है। विपक्ष के नेता रीताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में बागी गुट ने हाल ही में विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना है, जो ममता बनर्जी के प्राधिकार को चुनौती देता है।
नए नेतृत्व का गठन
बागी विधायकों और अन्य नेताओं की उपस्थिति में एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए, ममता बनर्जी ने कहा कि रॉय को सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुना गया। पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास और विधायक फिरहाद हकीम को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि रीताब्रता बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा को महासचिव बनाया गया है। इस नए ढांचे के माध्यम से बागी गुट ने अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव के पद से प्रभावी रूप से हटा दिया है।