TCS नासिक यूनिट में सेक्स स्कैंडल: HR हेड की भूमिका पर सवाल
TCS नासिक यूनिट में सेक्स स्कैंडल का नया मोड़
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक शाखा में सामने आए सेक्स स्कैंडल और धर्मांतरण रैकेट मामले में एक नया मोड़ आया है। हाल ही में, मुख्य आरोपी निदा खान के बारे में नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, निदा खान कंपनी में HR हेड नहीं, बल्कि एक टेलीकॉलर के रूप में कार्यरत थीं। यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि आरोपी एक संगठित गैंग के रूप में कार्य कर रहे थे, जो विशेष रूप से 18 से 25 वर्ष की महिला कर्मचारियों को निशाना बनाते थे। अब तक नौ FIR दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें एक पुरुष कर्मचारी की शिकायत भी शामिल है। इस कर्मचारी ने धार्मिक उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाया है। शिकायतों में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान, जबरन मांसाहारी भोजन खिलाना, धार्मिक उत्पीड़न और कुछ विशेष धार्मिक रीति-रिवाजों को मानने के लिए मजबूर करने के आरोप शामिल हैं।
गिरफ्तारियों की संख्या बढ़ी
अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें सात पुरुष और एक महिला शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इनमें से कुछ आरोपियों के पास कंपनी में उच्च पद थे और उन्होंने अपने पदों का दुरुपयोग करके सहकर्मियों को परेशान किया। एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि निदा खान ने एक महिला कर्मचारी को शिकायत दर्ज करने से रोका और कहा कि "ऐसी बातें तो होती रहती हैं।"
कर्मचारियों के लिए कामकाज की स्थिति
इससे पहले दिन में यह जानकारी मिली थी कि यूनिट में कामकाज को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है और कर्मचारियों को अगले आदेश तक घर से काम करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को ऑफिस खुला रहा और लगभग 60 कर्मचारी काम पर आए। ऑफिस को न तो सील किया गया है और न ही बंद किया गया है। कर्मचारियों को यह विकल्प दिया गया है कि वे चाहें तो घर से काम करें या ऑफिस आकर काम करें।
यौन उत्पीड़न की शिकायतों में वृद्धि
जब TCS के सालाना खुलासों में 2021 से यौन उत्पीड़न की शिकायतों में वृद्धि के बारे में पूछा गया, तो सूत्रों ने बताया कि यह वृद्धि हाल के वर्षों में लागू किए गए आंतरिक सिस्टम और प्रक्रियाओं में सुधार के कारण हुई है। खासकर, महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए उठाए गए कदमों का इसमें महत्वपूर्ण योगदान है।
सूत्रों ने बताया कि इन पहलों के कारण कर्मचारियों के बीच जागरूकता बढ़ी है और 'यौन उत्पीड़न रोकथाम' (POSH) ढांचे के तहत औपचारिक रूप से शिकायतें दर्ज करने की संभावना भी बढ़ी है। यह रुझान गलत व्यवहार की घटनाओं में वृद्धि को नहीं दर्शाता, बल्कि यह शिकायत निवारण तंत्र में बढ़ते भरोसे और शिकायत दर्ज करने के माध्यमों तक बेहतर पहुंच को दर्शाता है।